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गए लालू

गए लालू

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 10:45 AM IST

पटना. बाढ़ से बचाव और कटाव निरोधक कार्यों के लिए राज्य सरकार ने 395 योजनाओं को मंजूरी दी है। इन पर 1530 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें बाढ़ सुरक्षा की 859 करोड़ की 13 विशेष योजनाएं अलग से शामिल की गयी हैं। राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद की 54वीं बैठक में इन योजनाओं को हरी झंडी दी गयी। इनमें राज्य योजना के तहत 573 करोड़ की 316 योजनाएं शामिल की गयी हैं। इसके अलावा केन्द्र और राज्य सरकार की 50-50 फीसदी सहभागिता से चलने वाली बाढ़ प्रबंधन योजनाएं भी हैं। इन पर 471 करोड़ की धनराशि खर्च होगी।


नेपाल की सीमा पर तटबंधों की मरम्मत, सुरक्षा व नदी प्रबंधन की 15 योजनाओं पर 58 करोड़ खर्च होंगे। इसके अलावा नाबार्ड ने भी 12 योजनाओं के लिए 168 करोड़ सहायता पर सहमति दी है। गत वर्ष बाढ़ निरोधक कार्यों व तटबंधों की मरम्मत की 329 योजनाएं स्वीकृत हुई थी। इनपर 1640 करोड़ रुपए खर्च किये गये थे। विभाग ने संबंधित इंजीनियरों व अधिकारियों को इन योजनाओं को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है और कहा है कि इनमें किसी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। यही नहीं उन्हें समय सीमा में इन्हें पूरा करने को कहा गया है।

बाढ़ सुरक्षा की 13 योजनाएं मंजूर
बाढ़ सुरक्षा की 504.76 करोड़ की नौ नयी योजनाओं के साथ-साथ 354.13 करोड़ की चार पुनरीक्षित बाढ़ सुरक्षात्मक योजनाओं पर काम होंगे। इन योजनाओं को मार्च 2019 में पूरा करने का लक्ष्य है। इनके कार्यान्वयन से बड़े भू-भाग को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी। नयी योजनाओं में गंडक-कोसी- कमला नदी पर दो-दो जबकि गंगा-महानंदा- दरधा पर एक-एक योजना प्रस्तावित है। गंडक नदी पर पी.पी. तटबंध व चंद्रपुर रिटायर्ड लाईन के साथ-साथ बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लापुर जमींदारी बांध पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य प्रस्तावित है। इसी तरह कोसी नदी पर नगरपाड़ा तटबंध के साथ सिकरहट्टा मंझारी, विस्तारित सिकरहट्टा मंझारी, पांची दायां तटबंध और डगमारा राजपुर तटबंध पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा कमला बलान दायां तटबंध व बायां तटबंध के क्रिटिकल रीच के अलावा गंगा नदी पर काटा-कोश से गोवागाछी और हरदेव टोला से चौकिया पहाड़पुर और महानंदा पर झौआ-दिल्ली-दिवानगंज महानंदा बायां तटबंध और दरधा नदी के दायें और बायें तटबंध पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य होंगे।

जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि बाढ़ पूर्व ही हमने अपनी व्यापक कार्ययोजना बना ली है। तटबंधों को मजबूत बनाने से लेकर बाढ़ प्रबंधन की योजनाओं पर काम होगा। इन योजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा करने को कहा गया है। किस स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं होगी।