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समृद्धि

समृद्धि

Vivek Kumar | Last Modified - Jan 13, 2018, 05:25 PM IST

पटना. कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि किसान अत्यधिक ठंड में होने वाली बीमारी से फसलों को बचाएं। अचानक तापमान में काफी गिरावट आ गई है। साथ ही कुहासा और कोहरा का भी प्रकोप है। कुछ क्षेत्रों में तापमान गिर कर 2 सेंटीग्रेट से भी नीचे आ गया है। ऐसे मौसम में आलू, मक्का, दलहन, लत्तीदार सब्जी और मिर्च फसल में बीमारी की संभावना है।

उन्होंने कहा कि फसल की पत्तियां पीली मुरझाई हुई बदरंग नजर आ सकती है, जिसे किसान पाला मार देना कहते हैं। फसलों में ऐसे लक्ष्ण दिखे तो किसान खेत के चारों तरफ मेड़ों पर संध्या के समय धुंआ करें। खेत में हल्की सिंचाई करें, ताकि मिट्‌टी का तापमान थोड़ा बढ़ जाए। मैंकोजेब 75 घुलनशील चूर्ण का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बना कर छिड़काव करना भी लाभदायक है।

तापमान बहुत तेजी से नीचे गिर रहा हो, वैसी स्थिति में गेहूं, चना, चना, मटर और मसूर में हरदा रोग का प्रकोप हो सकता है। चना, मसूर तथा मटर के पौधों एवं फलियों पर गोलाकार प्यालीनुमा सफेद भूरे रंग के फफोले बनते हैं, जो बाद में काले हो जाते हैं और पौधा सूख जाते हैं। खड़ी फसल में फफूंद के वातावरण बनते ही मैंकोजेब 75 प्रतिशत घुलनशील चूर्ण का 2 किलोग्राम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइट का 3 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। स्टेमफिलियम ब्लाइट रोग मुख्यत: चना और मसूर में लगने वाला रोग हे। स्टेमफिलियम सरसिनिफर्मी नाकम फफूंद इसका कारण है।

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