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गोली

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Danik Bhaskar | Jan 27, 2018, 04:50 AM IST

पटना. केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि बिहार में गंगा और अन्य नदियों के किनारे नारियल की खेती की भरपूर संभावना है। बिहार में अभी 15 हजार हेक्टेयर में नारियल की खेती हो रही है। आने वाले समय में इसे राज्य में 50 हजार हेक्टेयर में नारियल की खेती होगी। दो वर्ष पहले तक देश में नारियल तेल का भारत में आयात होता था, लेकिन अब हम निर्यातक देश हो गए हैं। नारियल की खेती से किसानों की आय बढ़ रही है। शनिवार को वे जगदेव पथ के पास नारियल विकास बोर्ड के किसान प्रशिक्षण केंद्र व क्षेत्रीय कार्यालय भवन का उद्घाटन के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में भारत से 2084 करोड़ रुपए के नारियल उत्पादों का निर्यात किया गया। मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका को नारियल तेल का निर्यात किया जा रहा है। एक करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका नारियल है। बिहार में मधेपुरा में 100 हेक्टेयर में नारियल पौधा का नर्सरी है। इस नर्सरी से 1.62 लाख अच्छी वेराइटी के पौधे किसानों को दिए गए। नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए 4.09 करोड़ की राशि बिहार को दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1985 में बिहार में नारियल विकास बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय बनाने की घोषणा हुई थी, लेकिन मोदी सरकार में यह पूरा हो सका। उन्होंने कहा कि इस कार्यालय को बनाने में कई अड़चन आयी, लेकिन पिछले साल जनवरी में इसका शिलान्यास किया और एक साल में काम पूरा हो गया। यहां किसानों को प्रशिक्षण भी मिलेगा। नारियल की खेती में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए वैज्ञानिक की यहां सेवा ली जा सकती है। नारियल की खेती के साथ ही नारियल तोड़ने और इससे अन्य प्रोडक्ट बनाने का भी किसान प्रशिक्षण ले सकेंगे। मौके पर दीघा के भाजपा विधायक संजीव चौरसिया, नारियल विकास बोर्ड के अध्यक्ष सहित मधेपुरा, पूर्णिया व अन्य जिलों के नारियल उत्पादक किसान मौजूद थे।