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कर ली।

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Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 03:20 PM IST

पटना। नशा, दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ रविवार को बिहार में बनाई गई मानव श्रृंखला में कांग्रेस के विधान पार्षद रामचंद्र भारती के शामिल होने पर पार्टी में विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इस अभियान को सरकारी खर्चे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि चमकाने का यह प्रयास करार देकर इससे अलग रहने की घोषणा कर दी थी।

सोमवार को कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि सरकार के करोड़ों रुपए खर्च करने से सामाजिक कुरीतियों का खात्मा नहीं हो सकता है। कांग्रेस बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ है। सत्ता में रहते हुए हमने इसके खिलाफ कई कदम भी उठाए थे। इस समय देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अलोकप्रिय होते चले जा रहे हैं। वहीं नीतीश की विश्वसनीयता भी संदेह के घेरे में है। मानव श्रृंखला का इस्तेमाल तो सिर्फ मुख्यमंत्री की छवि चमकाने के लिए किया गया।

रामचंद्र भारती को इसमें शामिल होने से पहले पार्टी से अनुमति लेनी चाहिए थी। वैसे भारती विधान परिषद् में राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य हैं। उनके नाम की अनुशंसा नीतीश ने की थी। हो सकता है कि इसी कारण वे सरकार के इस आयोजन में शामिल हुए। वजह चाहे कुछ भी हो भारती को इस आयोजन में शामिल नहीं होना चाहिए था। पार्टी का आदेश और अनुशासन सबसे बढ़ कर है।

दूसरी ओर एमएलसी रामचंद्र भारती ने मानव श्रृंखला में शामिल होने पर उपजे विवाद को बेवजह की माथापच्ची बताया है। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ आयोजन पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि मानव श्रृंखला गैर राजनीतिक आयोजन है। नीतीश इतिहास पुरुष हैं।

19वीं शताब्दी में राजाराम मोहन राय ने सती प्रथा के खिलाफ अभियान चला कर इसे समाप्त कराया और अब नीतीश दहेज और बाल विवाह जैसी कुरीतियां को जड़ से उखाड़ फेंकने में जुटे हैं। इस बीच भारती को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अशोक चौधरी का समर्थन मिल गया है। चौधरी ने कहा कि लोगों को मतभेद भुलाकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ इस आयोजन का समर्थन करना चाहिए। भारती ने मानव श्रृंखला में शामिल होकर समाजहित में काम किया है।