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Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 04:22 PM IST

पटना. डिफॉल्टर पैक्स को भी धान खरीदने की इजाजत मिल सकती है। सहकारिता विभाग डिफॉल्टर पैक्स के लिए बनी नियमावली में संशोधन करने जा रहा है। डिफॉल्टर पैक्स से राशि वसूली में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। डिफॉल्टर के लिए जिम्मेदार पैक्स अध्यक्ष या प्रबंधन समिति के सदस्यों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई कर राशि वसूली की जाएगी।

राज्य में 8463 पैक्स में लगभग 700 पैक्स ऐसे हैं, जिन्हें किसी न किसी कारण से डिफॉल्टर होने के कारण धान खरीद पर रोक लगी हुई है। पुराने पैक्स अध्यक्ष के कारण डिफॉल्टर हुए पैक्स में नए चुने गए अध्यक्ष को भी धान खरीद नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। नए पैक्स अध्यक्ष ने विभाग से आग्रह किया है कि पुराना बकाया के लिए जिम्मेदार पैक्स अध्यक्ष से राशि की वसूली की जाए। उच्च स्तरीय जांच कमेटी पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट के आधार पर सभी दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई करे।

धान खरीद पर रोक से किसानों को परेशानी हो रही है। स्थानीय किसानों ने मुख्यमंत्री के साथ ही विभागीय मंत्री और अधिकारियों का भी ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। इस वर्ष भी को ऑपरेटिव बैंकों का पैक्स पर अब भी लगभग 17 करोड़ बकाया है।

राज्य में 8463 पैक्स और 480 व्यापारमंडल है। वित्तीय गड़बड़ी को देखते हुए ही विभाग ने अब ऑडिट नहीं कराने वाले पैक्स और व्यापारमंडल को धान खरीद पर रोक लगा दी है। विभाग मान रहा है वित्तीय गड़बड़ी में शामिल पैक्स अध्यक्ष ही ऑडिट से भाग रहे हैं। ऐसे पैक्स अध्यक्ष के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई का मन बना लिया है। विभाग ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को ऐसे पैक्स की पहचान कर कार्रवाई के लिए कहा है।

निबंधक सहयोग समितियां ने पहले ही ऑडिटर को निर्देश दिया था कि धान खरीद के लिए बैंक से कर्ज लेने के बाद भी इसे रिकार्ड में दर्ज नहीं किया गया हो तो पैक्स अध्यक्ष पर सरचार्ज लगाएं। गड़बड़ी करने वाले पैक्स अध्यक्ष को सहकारिता अधिनयिम के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया गया। ऑडिटर से यह भी कहा गया कि विभिन्न सहकारी बैंक से पैक्स द्वारा लिए गए कर्ज का ब्योरा लें।