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भोजपुरी

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Danik Bhaskar | Jan 23, 2018, 04:03 PM IST

पटना. सूबे में ईको-टूरिज्म की जिम्मेवारी वानिकी विकास निगम को सौंपी जाएगी। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा करने पर विचार कर रही है। सरकार चाहती है कि ईको-टूरिज्म का कार्य निगम के माध्यम से हो तो बेहतर होगा। मोदी बुधवार को बिहार वानिकी विकास निगम के कार्यों के साथ-साथ आठ फरवरी को आयोजित होनेवाले कृषि वानिकी समागम की तैयारियों की समीक्षा की।

मोदी ने बताया कि 8 फरवरी को ज्ञान भवन में कृषि वानिकी समागम का आयोजन होगा, जिसमें 700 से अधिक किसान भाग लेगें। इसमें कृषि वानिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 25 प्रमंडलों के 125 किसानों को सम्मानित किया जाएगा। इस हेतु प्रत्येक प्रमंडल से 5-5 किसानों को चयनित किया जाएगा। इस समागम में विभिन्न विशेषज्ञों तथा कृषि वानिकी के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले राज्यों यथा हरियाणा व पंजाब के सरकारी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जा रहा है ताकि उनके अनुभव साझा किये जा सकें। समागम में किसान भी अपने विचारों व सुझावों से सरकार को अवगत करा सकेंगे।

समीक्षा में यह बात सामने आयी कि बिहार को केंदू पत्ता से होने वाली आय में पिछले दो वर्षों में 22 गुनी वृद्धि हुई है। वर्ष 2015 में केन्दू पत्ता से महज एक करोड़ की आय हुई थी, जो वर्ष 2017 में बढ़ कर 22.78 करोड़ हो गया। केन्दु पत्ती के संग्रहण से वनवासियों को वर्ष 2017 में 9.02 करोड़ मजदूरी के रूप में मिले जबकि वर्ष 2015 में 3.09 करोड़ और वर्ष 2016 में 6.35 करोड़ ही मिले थे। वर्ष 2017 में केन्दु पत्ती मजदूरी के अतिरिक्त संग्रहण कार्य से मजदूरों को लगभग 3.80 करोड़ प्राप्त हुए। वर्ष 2016 के लिए केन्दू पत्ता की बिक्री से प्राप्त 5.49 करोड़ संबंधित 123 ग्राम पंचायतों के बीच वहां हुए संग्रहण के आधार पर वितरित की जाएगी। बिहार में केन्दु पत्ता के संग्रहण व विपणन का कार्य बिहार वानिकी विकास निगम लि. करता है।