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मारकर की

मारकर की

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 11:19 AM IST

पटना. चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में सत्याग्रह से जुड़े नेताओं की मूर्ति पश्चिम चंपारण और मुजफ्फरपुर में लगेगी। इसके साथ ही भित्ति चित्र भी बनायी जानी है। शिक्षा विभाग के जन शिक्षा निदेशक विनोदानंद झा ने मूर्ति, कास्य मूर्ति और भित्ति चित्र बनाने के लिए संबंधित विशेषज्ञ कलाकारों को पत्र भेजा है।

पत्र में कहा गया है कि किसी एक जगह मूर्ति निर्माण या भित्ति चित्र के लिए अधिकतम 10.15 लाख की राशि निर्धारित की गई है। मूर्ति निर्माण से संबंधित पूरी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। पूर्वी चंपारण के बुनियादी विद्यालय मधुवन में पढ़ते हुए बच्चों के बीच महात्मा गांधी का भित्ति चित्र बनाना है। इसके लिए अधिकतम 9.98 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके लिए शेखपुरा के कलाकार अमृत प्रकाश साह को जिम्मेदारी दी गई है। पश्चिम चंपारण के मुरलीभरवा ग्राम के संत राउत की कास्य मूर्ति बनाने के लिए आजमनगर के राजेश कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। मूर्ति निर्माण पर अधिकतम 10 लाख 15 हजार रुपए का प्रावधान है।

चंपारण सत्याग्रह की हृदयस्थली मुजफ्फरपुर में गांधी जी गोखलेजी और कुन्जुरुजी के समूह में से कुन्जरुजी की मूर्ति बनाने के लिए बीएचयू के सहायक प्रोफेसर अमरेश कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। इस समूह में से गांधी जी की मूर्ति बनाने की जिम्मेदारी शेखपुरा के अमृतलाल साह को दी है। गोखले जी की मूर्ति निर्माण के लिए पटना की रश्मि को जिम्मेदारी दी गई हैं। हालांकि इसके लिए इन्होंने 11.75 लाख रुपए खर्च बताया था, जिस पर विभाग ने कहा कि अधिकतम 10 लाख रुपए निर्धारित है।


पूर्वी चंपारण के मधुबनी आश्रम चिरैया में महात्मा गांधी की सूत कातती मूर्ति बनाने की जिम्मेदारी दानापुर के रामू कुमार को दी गई है। पश्चिम चंपारण के मुरलीचक गांव में पंडित राजकुमार शुक्ल की कांस्य मूर्ति बनाने की जिम्मेदारी एलोरा पार्क बड़ौदा के अमरनाथ शर्मा को दी गई है। मुजफ्फरपुर में किसानों का बयान लेते गांधी जी की भित्ति चित्र बनानी है। इसकी जिम्मेदारी मुम्बई के ब्रह्मदेव राम पंडित को दी गई है।