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Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 10:01 AM IST
election commission of india declared date of election in araria

अररिया. चुनाव आयोग ने अररिया लोकसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को ऐलान किया कि 11 मार्च को मतदान होगा और 14 मार्च को वोटों की गिनती की जाएगी। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से आरजेडी नेता मोहम्मद तस्लीमुद्दीन विजयी हुए थे। 17 सितंबर 2017 को तस्लीमुद्दीन का निधन हो गया था, जिसके चलते यह सीट खाली हो गई थी।

भभुआ और जहानाबाद में विधानसभा सीट के लिए होगी वोटिंग
चुनाव आयोग ने भभुआ और जहानाबाद में विधानसभा के लिए उपचुनाव के डेट की भी घोषणा की है। दोनों सीट के लिए 11 मार्च को वोटिंग और 14 मार्च को काउंटिंग होगी। भभुआ विधानसभा सीट बीजेपी विधायक आनंद भूषण पांडेय के निधन के चलते खाली हुई थी। वहीं, जहानाबाद सीट आरजेडी विधायक मुंद्रीका सिंह यादव के देहांत के चलते खाली हुई थी।

सबसे बड़ा सवाल: भाजपा और जदयू में कौन उतारेगा उम्मीदवार
अररिया में संभावित प्रत्याशी दावेदारी को लेकर जोरशोर से लगे हैं। चौक-चौराहे से लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर किस पार्टी से कौन मैदान में उतरेगा? सभी प्रमुख दलों के कई-कई दावेदार अपनी उम्मीदवारी के दावे कर रहे हैं। कुछ दलों के दावेदारों ने अपना बायोडाटा भी हाईकमान को भेज दिया है।

उपचुनाव के लिए सबसे अधिक दावेदार भाजपा से हैं। 2014 चुनाव में भाजपा से जदयू अलग थी और दोनों दलों के उम्मीदवार यहां से लड़े थे। अब भाजपा के साथ जदयू भी अपनी दावेदारी कर रहा है। इस सीट से राजद के उम्मीदवार का चुनाव लड़ना लगभग तय है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी कोई नाम तय नहीं किया गया है। उपचुनाव में सांसद राजेश रंजन यादव उर्फ पप्पू यादव की पार्टी जाप से भी उम्मीदवार मैदान में उतारने वाले हैं।

उम्मीदवार के तौर पर इन नेताओं के नाम आ रहे सामने
शाहनवाज हुसैन- भाजपा पूर्व सांसद
सरफराज आलम- विधायक,जदयू
शगुफ्ता अजीम- जदयू नेता
रामजी ऋषिदेव- पूर्व सांसद
विजय मंडल- भाजपा
राजेंद्र गुप्ता- भाजपा
राजेंद्र गुप्ता- भाजपा
जाकिर अनवर- राजद
इंतखाब आलम, कांग्रेस
इंतखाब आलम, कांग्रेस

लंबित दो रेल परियोजनाएं होंगे उपचुनाव के अहम मुद्दा
उपचुनाव में जिले के मतदाता के लिए अररिया-गलगलिया रेल लाइन और अररिया-रानीगंज-सुपौल रेल लाइन परियोजना जिले के लोगों के लिए अहम मुद्दा होंगे। तस्लीमुद्दीन ने इस प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ाया। रेल अधिकारियों के साथ कई बार बैठक, स्थल निरीक्षण किया। मंत्रालय से राशि का भी आवंटन कराने में सफल हुए थे। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू भी हुई है। उनके इंतकाल के बाद परियोजनाओं पर संकट के बादल छाए हुए दिख रहे हैं। उम्मीदवारों को इस सवाल का जवाब देना होगा।

पिछले साल बाढ़ से हुई थी भारी तबाही, लोग चाहेंगे स्थायी निदान
नेपाल की तराई से निकलने वाले परमान नदी के अलावा बकरा, कनकई, रतुआ, कमलाबलान, नूना नदी से जिला घिरा हुआ है। हर साल लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है। किसानों की कमर टूट जाती है। पिछले साल 13 अगस्त को 30 साल के इतिहास आई सबसे प्रलयंकारी बाढ़ ने लोगों की जिंदगी को तबाह कर दिया था। इसमें 140 से अधिक लोगों की मौत हुई और फसल बर्बाद हो गए। सड़क, पुल-पुलिया ध्वस्त हो गए। इस उपचुनाव में उम्मीदवारों को बाढ़ के स्थाई समाधान करने का रास्ता बताना होगा।

एनएच-57 पर महादेव चौक के निकट ओवरब्रिज की मांग
भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बरदाहा में आम चुनाव के प्रचार में कहा था कि केंद्र में सरकार बनते ही 6 माह के भीतर पूर्व चयनित स्थल पर एसएसबी कैंप निर्माण कराया जायेगा। सरकार भी बनी और वे ही गृह मंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए, लेकिन अबतक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। हालांकि न्यायालय ने पूर्व चयनित स्थल पर कैंप निर्माण पर रोक लगाया था। नये स्थल मिलने के बाद भी केंद्र सरकार की नजर इसपर इनायत नहीं हुई। वहीं, एनएच 57 पर महादेव चौक के निकट ओवरब्रिज निर्माण का मुद्दा भी उठ सकता है।

अररिया व फारबिसगंज को संवारने का भी होगा मुद्दा
अररिया व फारबिसगंज के कायाकल्प का मुद्दा भी बन सकता है। अबतक किसी चुनाव में इस पर किसी पार्टी या जनप्रतिनिधि ने बात नहीं की। ग्रामीण इलाकों में सड़क, पुल आदि का जाल बिछाया जाता है लेकिन शहर में एक बड़ा प्रोजेक्ट, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, रिक्शा और ऑटो स्टैंड बनाने, बस स्टैंड का निर्माण करवाने, सार्वजनिक शौचालय को लेकर दोनों शहर के लोग उम्मीदवार से सवाल करने की तैयारी में हैं।

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