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जीनव

जीनव

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 01:14 PM IST

पटना. साल 2017 खत्म होने जा रहा है। 5 दिनों बाद नए साल 2018 का आगाज हो जाएगा। जेहन में रह जाएंगी 2017 की कुछ खट्‌टी-मीठी यादें। 2017 में कई ऐसी घटनाएं हुईं जो फख्र करने लायक हैं। DainikBhaskar.com आज ऐसी ही 10 कहानी बताने जा रहा है। इसमें सिविल कोर्ट में चपरासी पिता की बेटी जज बन गयी। वहीं, किसी ने बाल विवाह का विरोध कर शादी से इनकार कर दिया था। उसके इस फैसले से समाज ने उसका बॉयकाट कर दिया था। फिर भी वो अपने फैसले पर अड़ी रही। अब सीएम ने उसे एक बड़ी जिम्मेवारी सौंपी है।

सिविल कोर्ट में चपरासी थे पिता, बेटी ने जज बन पूरा किया उनका सपना

- हौसलों के पंख से एक चपरासी की बेटी ने ऐसी उड़ान भरी कि उसने पिता के सभी सपने पूरे कर दिए। भागलपुर सिविल कोर्ट में चपरासी जगदीश साह के मन में जज के रुतबे व प्रतिष्ठा को देखकर लालसा थी कि उनके घर से भी कोई जज बने।
- वे अपने दिल की बात घर में भी कहा करते थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी लाडली जूली अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा देगी।
- जूली ने पूरी-पूरी रात जागकर न्यायिक सेवा की तैयारी की और 29वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में सफल होकर अपने पिता के सपने को सच कर दिखाया।
-जूली 251 अंकों के साथ ईबीसी कोटे में 24वें स्थान पर रही। उसे असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) का पद मिला है।
- अपनी मेहनत और पिता के सपोर्ट से अब वह जज की कुर्सी पर बैठेगी।