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सिख

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Vivek Kumar | Last Modified - Dec 26, 2017, 05:05 PM IST

पटना. वित्त रहित कॉलेजों को फरवरी तक बकाया अनुदान की राशि मिल जाएगी। पिछले अनुदान राशि की उपयोगिता प्रमाण पत्र शिक्षा विभाग को विश्वविद्यालयों के माध्यम से नहीं मिलने के कारण तीन-चार वर्षों से अनुदान की राशि नहीं जा पा रही थी। इस वर्ष भी काफी जगहों से उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिल सकी है।

राज्य के 225 वित्त रहित कॉलेजों को अनुदान दिया जाना है। अनुदान की राशि से यहां के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को बकाया वेतन का भुगतान हो सकेगा। वित्त रहित कॉलेजों के प्रतिनिधि लगातार शिक्षा मंत्री और उच्च अधिकारियों से बकाया अनुदान भुगतान करने की मांग कर रहे थे। विधानमंडल के लगभग सभी सत्रों में वित्त रहित कॉलेजों का मामला उठता रहा है। खास कर विधान परिषद में यह मुद्दा जोरदार तरीके से सदस्य उठाते रहे हैं।

पिछले माह शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को अल्टीमेटम दिया वित्त रहित कॉलेजों के अनुदान के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र 30 नवंबर तक उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजा तो राशि लैप्स हो जाएगा। ऐसी स्थिति में राज्य के 225 वित्तरहित कॉलेजों अनुदान के लिए अगले साल तक इंतजार करने की भी बात गई थी। शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों से 2011 में दिए गए अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र अभी तक नहीं भेजा है। इस वर्ष 31 मार्च 2017 तक ही उपयोगिता प्रमाण पत्र देना था, लेकिन अक्टूबर तक उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजा गया था।

उच्च शिक्षा की बैठक में विश्वविद्यालयों के कुलपति और कुलसचिव को इस उपयोगिता प्रमाण पत्र जल्द भेजने के लिए कहा जाता रहा। इसके साथ ही कई बार विभाग ने विश्वविद्यालयों को पत्र भेज कर उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा है। उपयोगिता प्रमाण पत्र के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शिक्षा विभाग को जवाब मिलता है कि वित्तरहित कॉलेजों से उपयोगिता प्रमाण नहीं मिला है।

वित्तरहित कॉलेजों को छात्रों की उत्तीर्णता के आधार पर अनुदान राशि दी जाती है। 2011 में सरकार ने सत्र 2008-2011 तक के लिए 109 करोड़ की राशि इन कॉलेजों के लिए भेजा था। लेकिन अभी तक उपयोगतिता प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण 2009-2012 का भी अनुदान फंसा हुआ है।

ग्रेजुएशन में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण प्रत्येक छात्र-छात्रा के लिए 8500 रुपए अनुदान दिया जाता है। द्वितीय श्रेणी के लिए 8000 रुपए और तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण प्रत्येक छात्र के लिए 7500 रुपए की दर से अनुदान राशि देने का प्रावधान है। डिवीजन में उत्तीर्णता के आधार पर अनुदान देने के के प्रावधान के कारण कई बार रिजल्ट में गड़बड़ी के भी आरोप लगाए जाते रहे हैं।

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Web Title: vitt rhit collegeon frvri tak mil jaaegaaa anudaan
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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