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दोनों का

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Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 12:35 PM IST

पटना। हाईकोर्ट ने 21 जनवरी को बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित होने जा रहे मानव श्रृंखला को हरी झंडी दे दी है।

इसके पहले राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर तथा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आर.के. महाजन ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए किसी को जबरन बाध्य नहीं किया जाएगा। सरकारी स्कूलों के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को सरकार की ओर से किसी तरह का दबाव नहीं दिया जा रहा है।

महाधिवक्ता ललित किशोर ने मुख्य सचिव की ओर से इस बारे में जारी निर्देश को दिखाया और कहा कि समाज को जागृत करने के इस कार्य में भाग लेने के लिए किसी को भी बाध्य नहीं किया गया है। जो भी छात्र चाहें अपने अभिभावकों के साथ मानव श्रृंखला में शामिल हो सकते हैं। इसको लेकर किसी के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन तथा जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने शिव प्रकाश राय की ओर से दायर पीआईएल पर सुनवाई की। अधिवक्ता दिनु कुमार और रितिका रानी ने कोर्ट को बताया कि सरकारी स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है।इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा होगा तो आप अगली तारीख पर बताइएगा। कोर्ट ने मामले की सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब सरकार खुद कह रही है कि किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा तो अभी इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।