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तले बन

तले बन

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 11:48 AM IST
रविवार को अमेरिका में प्रभाकर रविवार को अमेरिका में प्रभाकर

छपरा. हॉलीवुड एक्टर प्रभाकर शरण को अमेरिका में रविवार को प्रथम भारतीय एक्टर अवार्ड से सम्मानित किया गया। बिहार के छपरा जिले में आए प्रभाकर ने दैनिक भास्कर के रिपोर्टर अमन कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा कि मुझे सफलता के लिए काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा। यहां तक कि अमेरिका में भारत की मिट्टी बेचना पड़ा। कोस्टारिका में मुझे काफी दिक्कत हुई। मुझे हरियाणा में बाजरे की रोटी, सरसों का साग और मक्खन खाने की आदत थी, लेकिन यहां तो रोटी भी नहीं मिलती थी। 100 रुपए मिट्टी बेचता था 1000 रुपए में...

- मुझे खाने से लेकर काम करने तक, हर चीज में दिक्कतें आईं। कई बार वापस जाने का भी सोचा, लेकिन घरवालों के सपनों को तोड़ना नहीं चाहता था।

- मैंने कमाई के लिए हरियाणा की मिट्ठी का सहारा लिया और वहां से 100 रुपए की मिट्टी मंगाकर यहां 1000 रुपए में बेचने लगा।

- धीरे-धीरे मेरा कारोबार बढ़ा और मैंने अपने कई स्टोर खोले।

कई बॉलीवुड फिल्म कराई रिलीज

- बिहार के सारण जिले के अमनौर के रहने वाले प्रभाकर ने कहा कि बिजनेस तो जम गया, लेकिन मेरा सपना था बॉलीवुड में चमकने का। मैंने बॉलीवुड फिल्मों के राइट्स खरीदना शुरू किया। मैंने पहली बॉलीवुड की फिल्म यहां रिलीज कराई, हालांकि मुझे इससे कोई फायदा नहीं होता था, बल्कि नुकसान होता था।

दोस्त ने दी सलाह
- प्रभाकर ने कहा कि कोस्टारिका का सफर मेरे लिए काफी मुश्किल रहा। मुझे याद है कि 10वीं तक की पढ़ाई छपरा से करने के बाद पटना में अपने माता पिता के साथ आ गया।

- वहां से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने सोनीपत में एडमिशन कराया। सोनीपत में मैंने रेसलिंग सीखी, मैं वहां अखाड़ों में जाता था और कुश्ती लड़ता था।

- उसी दौर मैं अपने दोस्त राकेश से मिला, जिसने मुझे विदेश में पढ़ाई का सुझाव दिया।


प्रभाकर के माता-पिता ग्रामीण बैंक में हैं मैनेजर
- प्रभाकर के पिता प्रभुनाथ शरण और मां शुभद्रा प्रसाद रिटायर्ड बैंकर हैं। फिलहाल, वे मोतिहारी में रहते हैं।

- प्रभाकर ने बताया कि कोस्टारिका में सक्सेस नहीं मिलने के बाद पैसों की किल्लत होने लगी, जिसके बाद वे इंडिया लौटने पर मजबूर हो गए। साल 2010 से चार साल तक पंचकूला में रहे।

- इस दौरान उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं और अपनी बेटी को लेकर वापस कोस्टारिका चली गईं।

- प्रभाकर ने बहुत तनाव का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वे दोबारा कोस्टारिका लौट आए।

14 देशों में रिलीज हुई थी इनकी पहली फिल्म
- प्रभाकर ने बताया कि हॉलीवुड फिल्म 'इनरेदादोस: ला कन्फ्यूजन' उनकी पहली फिल्म है। यह फिल्म इसी साल 9 फरवरी को रिलीज हुई थी। इसमें वे लीड रोल में थे।

- यह फिल्म अमेरिका समेत 14 देशों में रिलीज हुई थी। फिल्म के डायरेक्टर आशीष मोहन हैं, जिन्होंने 2012 में आई अक्षय कुमार की फिल्म 'खिलाड़ी 786' का डायरेक्शन किया था। फिल्म का निर्माण कोस्टारिका की टेरेसा रॉड्रिग्स ने किया था।

हिन्दी व भोजपुरी में डब कर रिलीज हो चुकी है फिल्म
- प्रभाकर ने बताया कि 'इनरेदादोस: ला कन्फ्यूजन' की सफलता के बाद उन्होंने फिल्म को एक चोर दो मस्ती खोर नाम से हिंदी और भोजपुरी में डब कराया है जो 09 नवंबर को बिहार ,उत्तर प्रदेश ,दिल्ली समेत पूरे देश में प्रदर्शित हुई।

- उन्होंने बताया कि यह फिल्म आम बॉलीवुड मसाला फिल्मों से काफी अलग है। यह बॉलीवुड अंदाज में बनाई जा रही अपनी किस्म की कोस्टारिका की पहली फिल्‍म है।

- फिल्म के निर्माण में पनामा, कोलंबिया और अर्जेंटीना के लोगों का भी योगदान है। उन्होंने बताया कि उनकी योजना मेक्सिकन अभिनेत्री बारबरा मोरी के साथ भी फिल्म करने की है।