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करती थी।

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Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 12:46 PM IST

पटना। ‘आज से 36 साल पहले आवास बोर्ड को पैसा दिया। पर, आजतक आवास बोर्ड ने न तो आवास दिया और न ही कोई जमीन। यही नहीं आवास बोर्ड ने मेरा पैसा भी नहीं लौटाया। ये रहा पूरा दस्तावेज।’ कागज देखकर नगर विकास व शहरी आवास मंत्री सुरेश शर्मा भौंचक रह गये। आवेदक के पास तमाम कागजात थे जो आवास बोर्ड की कार्यप्रणाली बताने के लिए काफी थे।

मंत्री शनिवार को भाजपा दफ्तर में कार्यकर्ताओं के साथ ही आम लोगों की समस्याएं सुन रहे थे।

ज्ञानवर्द्धन मिश्रा ने बोर्ड में अपनी 36 साल पुरानी जमा राशि को सूद समेत वापस करने का आवेदन मंत्री को दिया। उन्होंने 1981 में आवास या भूखंड के लिए सशुल्क आवेदन दिया था।

बिहार राज्य फुटपाथ दुकानदार संघ के मंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने वेंडिंग जोन बनाने के संदर्भ में स्मार-पत्र सौंपा। मुंगेर जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष सीताराम सिंह, बाढ़ भाजयुमो के जिला महामंत्री विक्की सिंह, पटना के गुरू प्रसाद सिंह, जयगोविन्द सिंह, राहुल कुमार, धनंजय कुमार, संजय कुमार, मखदुमपुर (जहानाबाद) के प्रणय कुमार, भागलपुर के मिथिलेश यादव, घोसरावां (नालंदा) के रविन्द्र प्रसाद सिंह ने भी मंत्री के समक्ष अपनी शिकायत रखी। मौके पर मीडिया प्रभारी पंकज सिंह, राकेश सिंह, संजय राय उपस्थित थे।

6 को पटना में होगी महापौर व निगमायुक्तों की बैठक
सूबे के सभी महापौर, नगर आयुक्त व कार्यपालक पदाधिकारियों की बैठक 6 फरवरी को पटना में होगी। यह जानकारी नगर विकास एवं शहरी आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने दी। मंत्री ने बताया कि एलईडी बल्ब के माध्यम से शहरों को रौशन किया जायेगा और सभी नगर निगमों, नगर परिषदों में यह योजना लागू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि तीन जिला सुपौल के लिए 22 करोड़, दरभंगा के लिए 28 करोड़ और नालंदा के लिए 29 करोड़ की राशि स्वीकृत की गयी है। इस राशि से उक्त शहरों में ‘मास्टर नाला’ का निर्माण किया जायेगा। जिससे इन शहरों का गंदा पानी सीधे नहर में गिरेगा। साथ ही जहानाबाद, अरवल सहित कई जिलों का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।