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जनता को

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Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 05:49 PM IST

पटना. बिहार में बालू घाट तो खुले परंतु अब तक सफेद बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं हुई है। इस कारण बाजार में सफेद बालू कहीं उपलब्ध नहीं है। जिन लोगों को जमीन भराई करनी है उनके पास कोई रास्ता नहीं है और लाल बालू की स्थिति थोड़ी सामान्य होने के बावजूद भवन निर्माण का काम बंद है। बताते चलें कि सामान्य तौर पर पटना में 20-22 घाट ऐसे हैं जहां सफेद बालू की प्रचुरता है। इसके बावजूद बंदोबस्ती नहीं होने से पूरा ट्रेड अवैध हो चुका है।

इधर पटना सिटी इलाके में गायघाट पुल के नीचे कुछ धंधेबाज सफेद बालू का अवैध संग्रह और बिक्री कर रहे हैं। इसकी कीमत अधिक है और प्रति सौ सीएफटी 2500 रुपए वसूले जा रहे हैं। पटना में सफेद बालू 600-700 रुपए प्रति सौ सीएफटी की दर से बिकता रहा है। बंदोबस्ती रोके रखने से राजस्व का नुकसान तो हो ही रह है ग्राहकों की समस्या भी बनी हुई है। दक्षिण बाईपास के बालू गिट्‌टी सप्लायर अशोक कुमार इस स्थिति से बेहद परेशान हैं और सरकार से जल्द बंदोबस्ती करने की अपील करते हैं।

दूसरी स्थिति यह है कि जो लोग बालू की अवैध खरीद-बिक्री से दूर रहना चाहते हैं उन्हें पीला बालू से लैंड फिलिंग करानी पड़ रही है। बाजार में पीला बालू करीब 4000 प्रति सौ सीएफटी की दर से बिक रहा है। ट्रेडर बताते हैं कि यह बालू बेकार है फिर भी मांग अधिक है और सरकारी चालान की कीमत उतनी ही है तो उन्हें कोई फायदा नहीं।

कंस्ट्रक्शन एक्स्पर्ट अवधेश कुमार की मानें तो अगर पीला बालू में मिट्‌टी की मात्रा अधिक है तभी लैंड फिलिंग सही होगी अन्यथा यह बेस को कमजोर कर सकती है। नाम सार्वजनिक नहीं करने के अनुरोध के साथ विभाग के अधिकारी कहते हैं कि सफेद बालू की किल्लत अभी लंबी चलेगी। पुरानी नीति के उस दौर में खुदरा व्यवसायियों या ट्रांसपोर्टर्स को 300 रुपए में लोडिंग मिल जाती थी। परंतु अब स्थिति बदल चुकी है और अगर घाट खुलते भी हैं तो वह 500 रुपए प्रति सीएफटी से कम नहीं होगा।