पटना

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Danik Bhaskar

Dec 20, 2017, 03:57 PM IST

पटना। जदयू ने बालू कारोबारियों के समर्थन में राजद के प्रस्तावित बंद पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गुरुवार को राज्यसभा में जदयू के नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार में सत्ता गंवाने के बाद से राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद गहरी निराशा और हताशा में हैं। लालू ने बंद के माध्यम से लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश की।

राजद का बंद बिहार सरकार की बजाए बिहार की जनता और सिख समाज के लोगों के खिलाफ था। जदयू अपने कार्यकर्ताओं को जनता के साथ जुड़ कर काम करने का प्रशिक्षण दे रहा है। वहीं राजद राज्य में आतंक और खौफ का माहौल बनाने में लगा है।

जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि बिहार बंद में जिस तरह से आरजेडी के गुंडे सड़कों पर गुंडागर्दी करते रहे, लोगों को मारते-पीटते रहे, गाड़ियां और कारों को तोड़ते रहे, उससे लालू-राबड़ी के 15 साल के राज की याद ताजा हो गई। बिहार बंद में कई मासूम लोगों की जान चली गई लेकिन राजद के नेताओं को अफसोस तक नहीं हुआ।

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राजद का बंद माफियाओं के पक्ष में लालू प्रसाद की हठधर्मिता का नग्न उदाहरण है। लालू को बिहार के प्रतिष्ठा की चिंता नहीं है। उनकी कोशिश 23 तारीख को रांची में फैसला आने से पहले समाज में उन्माद का वातावरण बनाने की थी। लालू के लंपटों ने एंबुलेंस तक को नहीं बख्शा, नतीजा महनार में एक महिला की मौत हो गई।

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता प्रगति मेहता ने कहा कि प्रकाश पर्व के मौके पर जगह-जगह रास्ता बंद करके राजद ने फिर साबित कर दिया है कि बिहार को बदनाम करना ही उसका उद्देश्य है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जबरदस्त काम हो रहा है तो राजद नेताओं के पेट में दर्द हो रहा है। प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राजद ने आगजनी और पथराव के जरिए लोगों को डराने की कोशिश की लेकिन जनता ने इसे नकार दिया।

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