--Advertisement--

हाल था।

हाल था।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 10:24 AM IST
VIDEO: जानें क्या है चारा घोटाला? VIDEO: जानें क्या है चारा घोटाला?

पटना. सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने चारा घोटाला से जुड़े देवघर ट्रेजरी केस में शनिवार को लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई और 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। सजा के बाद अब सबकी नजर लालू की पार्टी पर टिकी है। बीते 20 साल में 394 दिन जेल में गुजार चुके लालू की आरजेडी का अब क्या होगा? क्या सीनियर नेता तेजस्वी यादव की लीडरशिप कबूल करेंगे? बता दें कि 1997 में लालू पहली बार जेल गए तो राबड़ी राजनीति में आईं और सीएम बनीं। 2013 में पहली बार सजा हुई तो दोनों बेटे सियासत में आए।


WHAT NEXT: लालू के जेल में रहने से क्या होगा?
1) RJD का वोटर और एकजुट हो सकता है

- इकोनॉमिस्ट डॉ. शैबाल गुप्ता ने कहा कि चारा घोटाले में लालू प्रसाद के जेल जाने से आरजेडी का वोटर और एकजुट होगा। उसमें किसी तरह के बिखराव की आशंका नहीं है।
- उन्होंने कहा कि 2013 में जब लालू जेल गए थे, तब आरजेडी में लीडरशिप को लेकर असमंजस था, लेकिन अभी हालात ठीक उलट हैं। लालू के बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश देने के लिए तैयार हैं।

2) RJD में नई लीडरशिप उभरेगी
- पॉलिटिकल एनालिस्ट और इकोनॉमिस्ट डॉ. एनके चौधरी ने कहा कि लालू के जेल जाने से आरजेडी में नई लीडरशिप उभरेगी। तेजस्वी यादव के काम में निखार आएगा। हालांकि, लालू जेल से भी पार्टी को गाइड करते रहेंगे।
- उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी समेत परिवार के दूसरे मेंबर भी जेल जाते हैं, तो आरजेडी में पॉलिटिकल डेमोक्रसी शुरू होगी और लालू साम्राज्य का पतन शुरू होगा।

3) 2019 का चुनाव तेजस्वी की अगुआई में
- आरजेडी के सीनियर लीडर जगदानंद ने एलान किया है कि 2019 का लोकसभा चुनाव तेजस्वी यादव की अगुआई में ही लड़ा जाएगा। उन्हें आरजेडी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी लीडर पहले ही घोषित किया जा चुका है।
- उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद को फंसाने की साजिश करने वालों के खिलाफ अब उनकी पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।

लालू को कैसे मिल सकती है बेल?
- लालू को 3.5 साल की सजा सुनाई गई है। लिहाजा, उन्हें रांची हाईकोर्ट से ही बेल मिल सकेगी। अगर हाईकोर्ट बेल खारिज कर देती है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
- वहीं, बेल मिलने के बाद लालू हाईकोर्ट में कन्विक्शन और सजा के खिलाफ अपील कर सकेंगे।

कब कितने दिन जेल में रहे लालू?
1) 30 जुलाई 1997 से 11 दिसंबर 1997: 134 दिन

2) 28 अक्तूबर 1998 से 18 जनवरी 1999: 73 दिन

3) 5 अप्रैल 1999 से 11 मई 1999: 35 दिन

4) 28 नवंबर 1999 से 29 नवंबर 1999: 01 दिन

5) 26 नवंबर 2001 से 24 जनवरी 2002: 59 दिन

6) 30 सितंबर 2013 से 16 दिसंबर 2013: 78 दिन

7) 23 दिसंबर 2017 से अब तक: 14 दिन

कब सामने आया था चारा घोटाला?
- वैसे तो 1984 से ही कुछ नेता भ्रष्ट अधिकारियों से घोटाले का पैसा वसूल रहे थे। लेकिन 1993 में दिलीप वर्मा ने विधानसभा में इस मामले को ध्यानाकर्षण के जरिए उठाने पर कई स्तरों पर धमकी मिलने लगी थी।
- दरअसल, एक चर्चित वेटरनरी डॉक्टर ने अधिकारी और नेताओं के समीकरण को इतना घालमेल कर दिया था कि उजागर होने से पहले ही चारा घोटाला से राजनीतिक महकमे में लोग काफी हद तक परिचित हो चुके थे।
- यह चर्चा आम हो गई थी कि घोटाले के ज्यादातर हिस्से को वह अपने पास रखता था और 30 फीसदी पैसा ही नेताओं को पहुंचाता था। इस 30% रकम पर अधिकार जमाने के लिए चाईबासा में तैनात डीएचओ (जिला पशुपालन अधिकारी) और रांची के डोरंडा में तैनात पशुपालन निदेशालय के एक सीनियर अधिकारी में अनबन नहीं होता तो चारा घोटाला उजागर नहीं होता।

सीबीआई ने की जांच
- 27 जनवरी 1996 को पहला मामला चाईबासा थाने में दर्ज किया गया। 11 मार्च 1996 को पटना हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए।
- सीबीआई ने लालू प्रसाद समेत 56 आरोपियों के खिलाफ 23 जून 1997 को चार्जशीट दायर की। कोर्ट ने 5 अप्रैल 2000 को आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम किए। राज्य अलग होने के बाद यह मामला रांची ट्रांसफर कर दिया गया।
- लालू प्रसाद का बयान 14 फरवरी 2012 को कोर्ट में दर्ज किया गया। लालू प्रसाद की ओर से बिहार के पूर्व डीजीपी डीपी ओझा समेत 20 गवाहों ने गवाही दी थी।

X
VIDEO: जानें क्या है चारा घोटाला?VIDEO: जानें क्या है चारा घोटाला?
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..