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गए दोनों

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Danik Bhaskar | Dec 14, 2017, 10:11 AM IST

पटना. पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दूस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी इन दिनों बिहार सरकार के खिलाफ विपक्ष की भाषा बोल रहे हैं। मांझी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन रसूखवालों तक इसकी आसानी से सप्लाई हो रही है।

जितने बड़े ऑफिसर हैं उनमें से 40 फीसदी आज भी आसानी से शराब का सेवन कर रहे हैं। कोई गरीब किसी तनाव में आकर पी लेता है तो वह पकड़ा जाता है। बिहार सरकार ने शराबबंदी का अच्छा फैसला लिया, लेकिन इसे सही तरीके से लागू करना जरूरी है।

मांझी ने कहा कि हम एनडीए में शामिल हैं, लेकिन सत्ता के साथ होने का यह मतलब नहीं कि कुछ गलत हो रहा हो तब भी चुप रहें। मैं एक सच्चा दोस्त हूं। अगर कुछ गलत हो रहा है तो बताऊंगा ताकि उसे ठीक किया जा सके।

इससे पहले बुधवार को शराबबंदी के फायदे पर सवाल उठाते हुए मांझी ने कहा कि इससे 71,000 लोग जेल में हैं, जिनमें 60000 गरीब हैं। उनकी माता जी भी अपने जमाने में बड़ी माता को दारू चढ़ाया करती थीं। आज अगर वह जिंदा होतीं तो उन्हें भी जेल में रहना पड़ता। उनके रीति-रिवाज में दवा के रूप में दारू की आवश्यकता है।