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साल की

साल की

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 11:20 AM IST
टीवी पर मां और भाभी को सम्मान ल टीवी पर मां और भाभी को सम्मान ल

पटना. बिहार के रोहतास जिले के शहीद एयरफोर्स कमांडो कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला को शुक्रवार को मरणोपरांत अशोक चक्र सम्मान मिला। सम्मान मिलने के बाद ज्योति की छोटी बहन बिंदू कुमारी ने कहा कि भाई तो मेरा एक ही था, लेकिन वह सौ भाइयों के बराबर था। आज यह सम्मान मिलने के बाद भाई ने मुझे खुश रहने के लिए मजबूर कर दिया है। ज्योति की पत्नी और मां ने लिया सम्मान...

तीनों बहने गांव में टीवी पर ही लाइव कार्यक्रम देख रही थी। मां और भाभी को सम्मान लेते देख तीन बहनें अपने आंसू को रोक नहीं पाई। तीनों ने कहा कि भइया हमेशा फौज में ही जाने की बात करते थे। कहते थे कि जीवन में कुछ भी करो,लेकिन वह सबसे अलग होना चाहिए। आज यह भाई ने साबित कर दिया है। अशोक चक्र सम्मान मिलने के बाद घर में थोड़ा खुशी का माहौल है।

ज्योति की मां और भाभी को देख भावुक हुए कोविंद
गणतंत्र दिवस के मौके पर जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह सम्मान ज्योति के मां और पत्नी सुषमा को दिया तो वह भावुक हो गए। ज्योति प्रकाश 18 नवंबर 2017 को लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों के खिलाफ एक ऑपरेशन के दौरान 6 आतंकियों को मार गिराया था। जिसके बाद वह शहीद हो गए थे।

2010 में हुई थी शादी

रोहतास जिले के काराकाट के बदलाडीह गांव के ज्योति ने साल 2005 में इंडियन एयर फोर्स ज्वाइन किया था। पांच साल के बाद साल 2010 में उनकी शादी सुषमा से हुई थी। ज्योति की चार साल की एक बेटी है। बिंदू कुमारी, शशी कुमारी और सुनीता कुमारी की शादी की जिम्मेवारी भी ज्योति पर थी। लेकिन उससे पहले ही शहीद हो गए। ज्योति के पिता तेज नारायण सिंह किसान हैं। वह गांव पर ही रहते हैं। ज्योति शदीद होने से 20 दिन पहले अपने गांव से ड्यूटी के लिए गए थे। इस दौरान वे पिता से वादा करके गए थे कि इस बार लौटने पर बहनों की शादी की जाएगी।

गांव में लगे थे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

ज्योति के शहीद होने के बाद पार्थिव शरीर जब उनके गांव पहुंचा था तो देखते ही भीड़ ज्योति अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारा लगाने लगी। ज्योति का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में ही किया गया था। ज्योति के पिता ने मुखाग्नि दी थी।