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मंदिर

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Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 02:03 PM IST

पटना. राज्य में इस वर्ष रिकार्ड धान खरीद का दावा सफल होता नहीं दिख रहा है। 40 दिनों बाद भी दो जिलों में अभी तक खरीद शुरू भी नहीं हुई है। 18 जिलों में तो एक हजार टन भी धान खरीद नहीं हो सकी है। राज्य भर के 9404 किसानों से 69763.42 लाख टन ही धान की खरीद हुई है। सहकारिता विभाग इस बात से ही खुश है कि पिछले वर्ष की तुलना में अब तक अधिक धान खरीद हुई है। रोहतास व कैमूर मात्र दो जिले हैं, जहां 5 हजार टन से अधिक धान खरीद की है। भोजपुर और वैशाली में अभी तक धान खरीद शुरू नहीं हुई है।

इस वर्ष 5859 पैक्स और व्यापारमंडल धान खरीद के लिए चयनित हैं। लगभग एक हजार पैक्स डिफाल्टर होने के कारण धान खरीद से वंचित हैं। धान खरीद शुरू होने की निर्धारित तिथि से 29 दिनों बाद केंद्र सरकार ने 19 प्रतिशत तक नमी वाले धान खरीद की अनुमति दी। इसके पहले धान में अधिकतम 17 प्रतिशत तक के धान की ही खरीद की अनुमति थी। पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने 19 जनवरी को यह अनुमति दी थी, जब नमी की मात्रा स्वत: 17 प्रतिशत तक आ जाती है।

इस वर्ष प्रत्येक सामान्य किसान को 150 की जगह 200 क्विंटल अधिकतम धान बेचने की अनुमति दी गई है। बटाईदार किसान 50 की जगह 75 क्विंटल तक धान बेच सकते हैं। पैक्स और व्यापारमंडल में किसान को धान बेचने पर प्रति क्विंटल सामान्य धान पर 1550 रुपए देने का प्रावधान है। धान खरीद की राशि किसानों के खाते में सीधे भेजने का प्रावधान किया गया है।

निबंधित किसानों से ही धान खरीद होनी है। इस वर्ष दो लाख किसानों ने अभी तक धान बेचने के लिए निबंधन कराया है। हालांकि 232621 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन लगभग 32 हजार किसानों के आवेदन पूर्ण नहीं पाए गए। सही किसान अपने कागजात के साथ फिर से निबंधन के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसानों को निबंधन में सहकारिता विभाग के अधिकारी मदद करते हैं।