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मौके पर

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Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 12:33 PM IST
Passing an annual examination will be compulsory for children

पटना. कक्षा पांच से आठ तक के बच्चों को अलगी कक्षा में जाने के लिए वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्णता अनिवार्य होगी। मार्च में हाने वाली वार्षिक परीक्षा में जो बच्चे पास नहीं कर सकेंगे, वैसे बच्चों के लिए दोबारा मौका मई में परीक्षा लेकिर दिया जाएगा। मई की परीक्षा में भी पास नहीं करने वाले बच्चे अलगी कक्षा में जाने से वंचित रहेंगे। मिड डे मिल के बदले राशि नहीं दी जा सकती है। केंद्र सरकार इस प्रकार की योजना पर विचार भी नहीं कर रही। यह बात मंगलवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने पत्रकारों से कहीं।

उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा की स्थिति संतोषजनक नहीं है यह बात को खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने भी माना है। पिछले दिनों सीएम ने कहा कि शिक्षा में जितना सुधार होना चाहिए, नहीं हो सका। यह सही बात विद्यालय शिक्षा समिति निष्क्रिय रहती है। समय में शिक्षक स्कूल आ रहे हैं या नहीं, इसकी खोज-खबर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी नहीं लेते हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सभी लोगों को सजग होना होगा।

उन्होंने कहा कि विभिन्न कक्षा के बच्चों के लिए लर्निंग आउटकम तैयार किया गया है। इसे सभी राज्यों को भेजा गया है। संबंधित कक्षा के बच्चों को गणित, हिंदी, विज्ञान, अंग्रेजी विभिन्न विषयों में वर्ष भर पढ़ाई के बाद कितनी जानकारी होनी चाहिए। शिक्षकों को भी इसके लिए जिम्मेदार बनाया जाएगा। राष्ट्रीय सर्वे करा यह जानकारी ली जाएगी कि शिक्षा का स्तर क्या है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता है।

क्या बिहार सरकार के मिड डे मिल की जगह राशि देने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार स्वीकार करेगी? इस सवाल पर कहा कि मिड डे मिल बंद नहीं किया जा सकता है। हां यह जरूरी है कि शिक्षकों को मिड डे मिल से अलग रखा जाना चाहिए। कई राज्यों में एजेंसी के माध्यम से स्कूली बच्चों को मिड डे मिल उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार सरकार के भी शिक्षा विभाग के अधिकारी ऐसे राज्यों का अध्ययन करने जाने वाले हैं।

बच्चों को समय पर किताब उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार एनसीईआरटी की किताब बच्चों को दिला सकती है। इसके लिए सत्र शुरू होने के पहले ऑन लाइन डिमांड कर किताब मंगाया जा सकता है। पर्याप्त मात्रा में एनसीईआरटी की किताब छापने की व्यवस्था है।

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