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बहाने

बहाने

Rajesh Ojha | Last Modified - Dec 21, 2017, 05:34 PM IST

पटना.सत्र शुरू होने के छह माह बाद भी बच्चों को पुस्तकें नहीं मिल पाती है। यह समस्या इस साल ही नहीं हर साल होती है। बच्चों को समय से किताब उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने नई रणनीति बनाई है। अगले साल से बच्चों को किताब की जगह रुपए दिए जाएंगे। बच्चों के खातों में पुस्तक की राशि दे दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने अगले साल से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को खाते में पुस्तक की राशि देने को लेकर तैयारी तेज कर दी है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों से बच्चों का बैंक खाता 31 मार्च के पहले हर हाल में खुलवाने का निर्देश दिया है।

पुस्तक की छपाई निजी प्रकाशक ही करेंगे। पुस्तक छपाई में खर्च के हिसाब से बच्चों के खाते में किताब खरीद के लिए राशि दी जाएगी। बच्चों और अभिभावकों को आजादी रहेगी कि वे बाजार से पुस्तक खरीद लें। बच्चों को राशि मिलने में अधिकारियों की भी जिम्मेदारी होगी कि यह सुनश्चित करा लें, कि बच्चों ने पुस्तकें खरीदी या नहीं?

अब पोशाक, साइकिल छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं की राशि बच्चों के खाते में 26 दिसंबर से 15 जनवरी तक उपलब्ध करायी जाएगी। बच्चों का खाता खोलने के साथ ही आधार से भी लिंक किया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़ा पर रोक लगाई जा सके।

राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में सत्र शुरू होने के 9 माह बाद भी 30 प्रतिशत बच्चों को किताब नहीं मिल सकी है। कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों को पुरानी किताब देनी थी, लेकिन 32 प्रतिशत बच्चों को ही ये किताबें मिली हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत इन बच्चों को मुफ्त पुस्तक दिया जाना है।

राज्य के लगभग 71 हजार प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के दो करोड़ से अधिक बच्चों को किताब देना है। कक्षा एक से आठ तक के लिए कुल 5 करोड़ 88 लाख 77 हजार किताब की छपाई होनी है। छपाई में लगभग 110 करोड़ की राशि खर्च होगी।

बीटीबीसी द्वारा राज्य के चार प्रिंटर्स के साथ अन्य राज्यों के सात प्रिंटर्स को प्रिंटिंग की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य के लगभग 72 हजार प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के दो करोड़ से अधिक बच्चों को किताब देना है। कक्षा एक से आठ तक के लिए कुल 5 करोड़ 94 हजार किताब की छपाई करायी गई है। छपाई में लगभग 120 करोड़ की राशि खर्च हो रही है। टेंडर फाइनल होने के 75 दिनों के अंदर प्रकाशक को पुस्तक प्रखंड तक पहुंचाना था, लेकिन पूरा नहीं हो सका।

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Web Title: agale saal se schooli chhaatron ko kitaab ke bdle raashi milegai
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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