Hindi News »Bihar »Patna» Singhwahini Mukhiya Ritu Jaiswal Life Story

बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS

लग्जरी लाइफ और अपने बच्चों को छोड़ रितू जायसवाल अपने पंचायत के विकास में जुटी है।

Manish Kumar | Last Modified - Jan 23, 2018, 11:34 AM IST

  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    गांव के बच्चों के साथ सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया रितू जायसवाल।

    पटना. पति और अपने बच्चों को छोड़ रितू जायसवाल अपने पंचायत के विकास में जुटी हैं। वह गांव के बच्चों को पढ़ाई को लेकर जागरूक कर रही हैं। जहां गांव में लोग भेदभाव करते हैं। वही, रितू बच्चों के साथ समय गुजारती है। गांव और पंचायत में बिजी रहने के कारण रितू अपने बच्चों को समय कम दे पाती हैं। रितू के पति आईएएस अधिकारी हैं। साल में मात्र तीन बार मिल पाती है अपने बच्चों से...

    - dainikbhaskar.com से बातचीत में सीतामढ़ी जिले के सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया रितू जायसवाल ने बताया कि पंचायत के विकास को लेकर बहुत समय देना पड़ा है। जिसके कारण अपने परिवार के लिए समय नहीं मिल पाता है।

    - अपने बच्चों से साल में मात्र तीन बार ही मिल पाती हूं। जब वह छुट्टी पर आते हैं। बच्चे बेंगलुरू में पढ़ते हैं, लेकिन उसने मिलने नहीं जा पाती हूं। बच्चे भी जानते हैं कि मां एक बड़ा मिशन लेकर काम कर रही है। रितू एक बेटा और एक बेटी की मां हैं।

    - रितू ने बताया कि 1996 में मेरी अरेंज मैरेज 1995 बैच के आइएएस अरुण कुमार से हुई थी। शादी के 15 साल तक जहां पति की पोस्टिंग होती थी। उनके साथ रहती थी। एक बार मैंने पति से कहा कि शादी के इतने साल हो गए है। आज तक ससुराल नहीं गई हूं। एक बार चला जाए। सब लोग नरकटिया गांव जाने को तैयार हो गए।

    - गांव पहुंचने से कुछ दूर पहले ही कार फंस गई। कार निकालने की हर कोशिश फेल हो गई। फिर बैलगाड़ी से हमलोग चले। आगे जाकर वह भी कीचड़ में फंस गई। इसके बाद मैं इस क्षेत्र की विकास के बारे में सोचने लगी।

    - 2016 में सिंहवाहिनी पंचायत से चुनाव के लिए खड़ी हुई। मेरे खिलाफ 32 उम्मीदवार थे। लोगों ने कहा कि तुम हार जाओगी। तुम्हारे जाति के मात्र पांच परिवार के लोग हैं। वोट जाति के आधार पर मिलता है। फिर भी मैं नहीं मानी और मैं जीत गई। तब से लेकर अब तक पंचायत में विकास का काम जारी है।


    जिस पंचायत में सिर्फ पगडंडी था वहां बनी पक्की सड़क
    - रितू ने बताया कि मेरा पंचायत सुदूर एरिया में पड़ता है। जब मुखिया बनी तो पंचायत में कच्ची सड़क और पगडंडी थी। कई बार कोशिश करने के बाद पीसीसी सड़क बनी। कई जगह पुल का निर्माण कराया, जिससे लोगों की परेशानी दूर हुई। बाढ़ के कारण इस पंचायत में भारी नुकसान हुआ। कई लोग गांव छोड़कर सुरक्षित जगह चले गए, लेकिन मैं अपने पंचायत के लोगों के साथ खड़ी रही।

    -मेरे पंचायत के कई लोगों का इंदिरा आवास और वृद्धा पेंशन का पैसा दलाल अंगूठा लगवाकर निकाला लेते थे। अब यह पैसा सिर्फ लाभुकों के खाते में जाता है। इसको लेकर बैंक वालों से कई बार मेरी बहस भी हो गई। बता दें कि बेहतर कार्य के लिए रितू को कई अवार्ड मिल चुका है।

  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    पति, बेटे और बेटी के साथ रितू जायसवाल।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    रितू के प्रयास से पहली बार 2015 में 12 लड़कियां मैट्रिक पास की।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    रितू गांव में विकास कार्य के दौरान कई बार जेसीबी भी चला चुकी हैं।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    रितू के बेहतर कार्य को लेकर कई बार अवार्ड भी मिल चुका है।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    बाढ़ के दौरान राहत कार्य चलाती रितू।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    इस बार आई बाढ़ ने रितू के पंचायत में काफी नुकसान किया।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    स्कूल में खुद जाकरण निरीक्षण करती है।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    बच्चों के साथ क्रिकेट खेलती मुखिया रितू जायसवाल।
  • बच्चों से दूर रहकर गांव वालों की जिंदगी बदल रही यह महिला, पति हैं IAS
    +9और स्लाइड देखें
    रितू के पति 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Patna News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Singhwahini Mukhiya Ritu Jaiswal Life Story
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Patna

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×