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आयुक्त को

आयुक्त को

Dainik Bhaskar

Jan 21, 2018, 11:21 AM IST
Social reform work is being done in the state with rapid development works

पटना. बाल विवाह और दहेज प्रथा उन्मूलन के लिए पूरे बिहार में लोगों ने मानव श्रृंखला बनायी। पटना सहित सभी जिलों में पंचायतों से लेकर प्रखंड और जिला मुख्यालय से राजधानी को जोड़ने वाली मानव श्रृंखला में चार करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी हुई। रविवार को राजधानी के गांधी मैदान में मुख्य कार्यक्रम में मानव श्रृंखला से बिहार का नक्शा बनाया गया। यहां स्कूली बच्चों, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका से लेकर आला अधिकारियों और मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक शामिल हुए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 12 बजे आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारा उड़ा कर बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ संदेश दिया।

मानव श्रृंखला के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में तेजी से विकास कार्यों के साथ ही सामाजिक सुधार के काम करते रहेंगे। सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए लोग मानव श्रृंखला बना रहे हैं। पिछले साल शराबबंदी के समर्थन में मानव श्रृंखला बनायी गयी थी। वैसे तो दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ पहले से ही कानून हैं, लेकिन इस कुप्रथा को दूर करने के लिए लोगों को आगे आना होगा। सामाजिक जागरूकता से ही ऐसी कुप्रथा को हम पूरी तरह मिटा सकते हैं। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बिहार ने नया इतिहास रचा है। आगे भी सामाजिक सुधार के काम जारी रहेंगे।

किसी पार्टी व नेता का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधार के कार्यों का विरोध करने वाले खुद अपनी पैर में कुल्हाड़ी मारेंगे। राज्य शराबबंदी से समाज में परिवर्तन आया है। लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। फिर भी शराब के कुछ दो नंबरी कारोबार में लगे हुए हैं। यह चुनौती है, लेकिन हम इन चुनौतियों को स्वीकार कर भिड़ते रहते हैं। ऐसे लोगों को कानून के तहत सजा दी जा रही है। शराब के धंधेबाजी में छूट देने वाले अधिकारियों को बर्खास्त भी किया जा रहा है। दो माह के अंदर राज्य में ऐसे धंधेबाजों पर भी पूरी तरह लगाम लगाने के लिए नया पद पुलिस महानिरीक्षक या अपर पुलिस महानिदेशक बना दिया जाएगा। दो माह में लोगों को टेलीफोन नंबर भी जारी किया जाएगा, जिस पर शिकायत दर्ज कराने से सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्रवाई करेंगे। आईटी विभाग को अत्याधुनिक फोन में रिकार्ड करने आदि की सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा और बाल विवाह उन्मूलन के लिए समाज और लोगों में उत्साह का माहौल है। राज्य के सभी लोग ऐसी कुप्रथा को मिटाना चाहते हैं। ठीक एक साल पहले 21 जनवरी को पूरे बिहार के लोगों ने मानव श्रृंखला बना कर शराबबंदी क समर्थन किया था। आज फिर लोगों ने दहेज न लेने और देने के साथ ही बाल विवाह रोकने के लिए शपथ लेते हुए मानव श्रृंखला बनायी है।

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