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महिला

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Dainik Bhaskar

Jan 28, 2018, 05:05 AM IST
 state government will spend on the education of these children.

पटना. दो लाख से कम आय वाले परिवार के कक्षा एक में 25 प्रतिशत सीटों पर निजी स्कूलों में नामांकन नहीं लिया तो कड़ी कार्रवाई होगी। कक्षा एक से आठ तक स्कूल में उपलब्ध कुल सीटों में 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन लेना है। राज्य सरकार इन बच्चों की पढ़ाई पर होने वाला खर्च देगी।

शिक्षा विभाग सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को इस मामले पर लगातार अनुश्रवण का निर्देश दिया है। साथ ही कहा गया कि आगामी सत्र 2018-19 में नामांकन नहीं लेने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुशंसा करें। अभिभावकों से कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2018-19 में वर्ग में नामांकन के लिए आवेदन समय पर कर दें। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 एवं बिहार राज्य बच्चों का मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 के प्रावधानों के तहत प्रस्वीकृति निजी स्कूलों (गैर अनुदानित भाषाई एवं धार्मिक अल्पसंख्यक संस्थानों द्वारा संचालित विद्यालयों को छोड़ ) को वर्ग एक में नामांकन के लिए उपलब्ध कुल सीटों में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर आय वर्ग के बच्चों का नामांकन करना अनिवार्य है।

प्राथमिक विद्यालय (वर्ग एक से पांच तक) से एक किलोमीटर के अंदर स्थित बसे हुए लोग बच्चों का नामांकन करा सकते हैं। तीन किलोमीटर के अंदर स्थित प्रारंभिक विद्यालय (वर्ग एक से 8) में भी नामांकन कराया जा सकता है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समूह के बच्चे जिनकी आय एक लाख तक है। या कमजोर वर्ग के सभी जातियों या समुदायों के बच्चों के माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय दो लाख रुपए से कम है। ऐसे परिवार के बच्चों का इन स्कूलों में नामांकन कराया जा सकता है। 25 प्रतिशत सीटों में से आधी सीट लड़कियों के लिए आरक्षित रखना है। प्रारंभिक विद्यालय के कक्षा एक या नर्सरी कक्षा में बच्चों का नामांकन रेंडम पद्धति से करना है, इसका उल्लेख स्कूल के प्रोस्पेक्ट्स में भी रहना अनिवार्य है।

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 state government will spend on the education of these children.
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