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छानबीन की

छानबीन की

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 10:42 AM IST

पटना. नियोजित शिक्षकों को समान कार्य के बदले समान वेतन देने के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में बिहार सरकार की ओर से शिक्षकों के क्वालिफिकेशन में गड़बड़ी की बात कही गई। इसपर कोर्ट ने राज्य सरकार को चीफ सेक्रेटरी के नेतृत्व में एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह कमेटी तीन सप्ताह में रिपोर्ट देगी, जिसे अगली सुनवाई में कोर्ट में पेश किया जाएगा। 15 मार्च को इस मामले की अगली सुनवाई होगी।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट गई थी सरकार
नवंबर 2017 में पटना हाई कोर्ट ने फैसला दिया था कि समान काम के लिए समान वेतन की तर्ज पर नियोजित को भी नियमित शिक्षक के बराबर वेतन दिया जाए। फैसले के बाद बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी।

सरकार को खर्च करना होगा अधिक पैसा
समान कार्य के लिए समान वेतन पर बिहार सरकार को अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। नियोजित शिक्षक का वेतन वर्तमान में उनके मानदेय से दो से ढाई गुना हो जाएगा। किसी टीचर को वर्तमान में 12-15 हजार रुपए मिल रहे हैं तो इस फैसले के बाद उसे 35-40 हजार रुपए वेतन देना होगा। एक अनुमान के अनुसार इससे सरकार को सालाना 11000 करोड़ रुपए अधिक खर्च करना पड़ेगा। वर्तमान में शिक्षा विभाग का पूरा बजट ही 20000 करोड़ रुपए है।