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शरीफ में

शरीफ में

Danik Bhaskar | Jan 27, 2018, 04:52 AM IST

पटना. कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में कृषि यंत्र निर्माण करें, सरकार हर संभव मदद करेगी। कृषि यंत्र निर्माताओं की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर कृषि यंत्रों के निर्माण से यंत्रों की लागत मूल्य में कमी आएगी। इससे राज्य के किसानों को फायदा होगा। पूसा में कृषि यंत्र टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दिया है। इससे राज्य में बनने वाले कृषि यंत्रों के टेस्टिंग में सुविधा होगी और किसानों को भी गुणवत्तापूर्ण यंत्र मिलेंगे। शनिवार को वे बामेती में कृषि यंत्र निर्माताओं को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस कृषि रोड मैप में 2017-22 में कृषि यांत्रिकीकरण के लिए 1,351.54 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य में कृषि यंत्रों के निर्माण से उद्योग का बढ़ावा मिलेगा, वहीं युवाओं को रोजगार के समुचित अवसर भी बढ़ेंगे। राज्य के किसानों के हित में कम-से-कम मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि यंत्रों का निर्माण करें, ताकि राज्य के अधिक-से-अधिक किसान आधुनिक तरीके से खेती कर सके।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष 180 करोड़ रुपये किसानों को कृषि यंत्र के खरीद पर अनुदान के रूप में दिया जा रहा है। कृषि यांत्रीकरण योजना के तहत कुल 71 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। वैसे निर्माता, जिनको भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानक मापदण्ड में अनुज्ञप्ति नहीं प्राप्त होता है, उनको राज्य में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज, आईआईटी,दोनों कृषि विश्वविद्यालयों के साथ सम्बद्ध कर उनके यंत्रों की गुणवत्ता की जांच कराकर इन संस्थानों के अनुशंसा के आधार पर सभी प्रकार के अनुदान सुलभ कराए जाएंगे।


एपीसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि देश के कृषि यंत्र उत्पादन का लगभग 10 प्रतिशत यंत्रों का खपत बिहार में है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर के यंत्र निर्माता कंपनी बिहार में अपनी उत्पादन इकाई स्थापित करें। प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने कहा कि छोटे किसानों और कम रकबा को ध्यान में रख कर कृषि यंत्रों का निर्माण करना चाहिए।