--Advertisement--

महिला

महिला

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 10:16 AM IST
ग्रामीणों ने बताया कि संजीत का ग्रामीणों ने बताया कि संजीत का

छपरा. बिहार के सारण जिले के मांझी स्टेशन के पास लूटेरों ने चलती ट्रेन में सगे भाइयों के साथ लूटपाट करने लगे। जब दोनों ने विरोध किया तो पहले मारपीट। फिर दोनों के हाथ बांधकर दो किमी के दूरी पर चलती ट्रेन से दोनों को फेंक दिया। एक भाई की मौत हो गई है। जबकि दूसरे को सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में हुई घटना...

- घटना के बारे में बताया जा रहा है कि मधेपुरा जिला के ब्रह्मपुरा कुमारखंड गांव के रहने वाले अमित कुमार और संजीत कुमार चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में सवार होकर आ रहे थे।

- शनिवार की रात तीन बजे ट्रेन मांझी स्टेशन गुजर रही थी। इस दौरान अपराधी दोनों भाईयों के साथ लूटपाट करने लगे। जब दोनों ने इसका विरोध किया तो जमकर पिटाई कर दी। पिटाई करने के बाद दोनों फेंक दिया।

- अधिक चोट लगने के कारण संजीत कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस घायल अमित को सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस को दी सूचना
- रविवार की सुबह जब ग्रामीणों ने संजीत के शव और घायल अमित को देखा तो पुलिस को सूचना दी।
- पुलिस ने संजीत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और अमित को भर्ती कराया।
- जीआपी थानाध्यक्ष सुमन प्रसाद सिंह ने कहा कि ट्रेन से फेंका गया है कि लूटपाट हुआ है। यह घायल युवक के होश में आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यह सही है कि दोनों ट्रेन से यात्रा कर आ रहे थे। स्थानीय पुलिस के सहयोग से मामले की जांच की जा रही है।