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Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 05:43 PM IST

पटना. सब्जी उत्पादक किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए प्रसंस्करण व विपणन योजना अगले 18 माह में मूर्त रूप ले लेगा। प्रथम चरण में पटना, मुजफ्फरपुर सहित पांच जिलों में योजना शुरू होगी। बाद में सभी जिलों में इस योजना को लागू किया जाएगा। इससे किसानों को सब्जी औने-पौने दाम में बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। सब्जी उत्पादक किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए प्रखंड स्तर पर सब्जी उत्पादक किसान सहयोग समिति गठित होगी।


जिला स्तर पर संघ और राज्य स्तर पर परिसंघ (फेडरेशन) बनेगा। प्रखंड और जिला स्तर पर आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए सोसाइटी को सरकार मदद करेगी। प्रखंड स्तर पर सब्जी संग्रहण केंद्र को शॉटिंग, ग्रेडिंग एवं परिवहन की सुविधाएं मिलेंगी। जिला स्तर पर सब्जी प्रसंस्करण, भंडारण एवं पैकेजिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ने ये बातें डीएनएस में आयोजित राज्य सब्जी प्रसंस्करण व विपणन योजना पर आयोजित कार्यशाल में कहीं।

समिति के माध्यम से सब्जी कलेक्शन कर जिलों में भेजी जाएगी। स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद बचे फल-सब्जी को कोल्ड स्टोरेज में जमा किया जाएगा। यहां से प्रोसेसिंग यूनिट और अन्य राज्यों को भी भेजी जाएगी। इससे राज्य में लगभग 30 प्रतिशत तक सब्जी की बर्बादी रोकने में मदद भी मिलेगी। प्रथम चरण में पटना, मुजफ्फरपुर, नालंदा, वैशाली व समस्तीपुर में इस योजना की शुरूआत होगी। इन जिलों में 97 प्रखंडों में त्रि स्तरीय सहकारी संरचना के माध्यम से योजना क्रियान्वित होंगी। प्रथम फेज में इस योजना पर 437.53 करोड़ की राशि खर्च होगी।

द्वितीय फेज में 1312 करोड़ और तृतीय फेज में इस योजना पर 1750 करोड़ की राशि खर्च होगी।

प्रखंड स्तर पर सब्जी प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और मार्केटिंग सहकारी समितियां होंगी। समितियों को फल-सब्जी प्रोसेसिंग यूनिट लगाने और मार्केटिंग के लिए सरकार सहायता देगी। जिलों में प्रोसेसिंग व मार्केटिंग सहकारी समितियां गठित कर कॉम्फेड के तर्ज पर काम शुरू हो जाएगा।