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ही डर गए है।

ही डर गए है।

Danik Bhaskar | Nov 27, 2017, 03:16 PM IST

पटना. विधान परिषद में बुधवार को डेंगू से जुड़े सवाल पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने एक दूसरे पर खूब चुटकी ली। अल्पसूचित प्रश्न में दिलीप राय ने पटना के पुनाईचक, राजवंशीनगर, पटेलनगर, कशरीनग आदि में मच्छर मारने के लिए छिड़काव नहीं करने का मामला उठाया। कहा- यहां कई घरों में लोग डेंगू की चपेट में हैं।

नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने जवाब में कहा कि सभी मोहल्लों में रोस्टर के हिसाब से मच्छर मारने के लिए फार्गिंग व दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इन मुहल्लों में डेंगू के एक-दो मामले मिले हैं। इस पर कांग्रेस के डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि डेंगू व चिकनगुनिया का प्रकोप काफी अधिक है। सरकार इस मामले पर रिव्यू कर समाधान करे।

नगर विकास मंत्री ने कहा- नगर निगम इस पर सीरियस है। इस पर कांग्रेस के दिलीप कुमार चौधरी ने डेंगू की स्थिति गंभीर है। सरकार ध्यान नहीं दे रही है। जदयू के संजय सिंह ने तपाक से इशारा कर कहा-सबसे बड़ा डेंगू तो यही हैं हुजूर। राजद के सुबोध यादव ने कहा- मंत्री जी गलत बयान दे रहे हैं। मैं पुनाईचक में रहता हूं, लेकिन छिड़काव नहीं होता है। सरकार कह रहीं हे डेंगू के एक-दो मामले ही है, तो क्या मंत्री जी बताएंगे- ऐसा सर्वे के आधार पर कह रहे हैं क्या?

तारांकित प्रश्न में भाजपा के कृष्ण कुमार सिंह ने पूछा प्राकृत भाषा विवि अनुदान आयोग द्वारा राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) में एक विषय के रूप में स्वीकृत है, लेकिन बीपीएससी में अब तक स्वीकृत विषयों में यह शामिल नहीं है। प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि प्राकृति को बीपीएसी में स्वीकृत विषय में शामिल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस बहस में जदयू के संजीव कुमार सिंह ने प्राकृति को शामिल करने के लिए कहा। इस पर मंत्री ने टोका- संजीव जी आप तो प्रोफेसर हैं ना? इस पर संजीव कुमार सिंह कहा-जी।

कांग्रेस के दिलीप कुमार चौधरी ने भी प्राकृति के पक्ष में अपनी बात रखी। मामला सुलझता न देख उप सभापति हारुण रसीद ने कृष्ण कुमार सिंह से कहा- आप तो विद्वान सदस्य हैं। इस पर उन्होंने तपाक से कहा- तभी तो महोदय यह प्रश्न पूछ रहा हूं।

विजेंद्र बाबू आप डेमोरलाइज करते हैं
विप परिसद में पूर्व मंत्री डॉ. अशोक चौधरी का दर्द छलका। विवि से जुड़े एक सवाल पर उर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा- अशोक बाबू आप तो हाल तक सरकार में थे, क्यों नहीं मामले का निबटारा कराया। इस पर अशोक चौधरी ने कहा- विजेंद्र बाबू आप इस तरह क्यों डेमोरलाइज करते हैं। सदन में सदस्य को प्रश्न पूछने और जवाब जानने का अधिकार है।