• Home
  • Bihar
  • Patna
  • Construction of first new unit of Barauni powerhouse will be completed
--Advertisement--

वीटीआर के

वीटीआर के

Danik Bhaskar | Nov 20, 2017, 01:00 PM IST

पटना. बरौनी बिजलीघर की 250 मेगावाट क्षमता की नई यूनिट बनकर तैयार हो गई है। इसका ट्रायल रन भी सफल रहा। सबकुछ ठीक रहा तो अगले माह से यहां से बिजली पैदा होने लगेगी। बीती रात तेल से बिजलीघर को चलाया गया। सिस्टम से 35 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। इसके बाद बिजलीघर को बंद कर दिया गया। अब यहां से कोयले से बिजली पैदा करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। 15 दिसंबर तक यहां कोयले से बिजली पैदा होने लगेगी। कोल फायरिंग के बाद सब ठीक रहा तो अगले माह से ही यहां से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा।

बरौनी बिजलीघर को अप्रैल में ही गंगाजल मिला था और उसी समय अगले छह माह के अंदर निर्माण पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया था। इसी कार्ययोजना के तहत बरौनी बिजलीघर के यूनिट 8 का निर्माण पूरा कर लिया गया। व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद इससे बिहार को 250 मेगावाट बिजली मिलेगी। अगले माह ट्रायल में इससे 250 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी।

नीतीश सरकार के गठन के बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2007-08 में ही बरौनी में नई यूनिट के निर्माण का फैसला किया था। इसी आधार पर भेल को यह जिम्मेवारी सौंपी गई। भेल वहां 250-250 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिट (संख्या- 8 व 9) का निर्माण कर रहा है। दोनों नई यूनिटों पर 5308 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पहले इनके निर्माण के लिए 3300 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई थी। बाद में यह राशि बढ़ा दी गई। लगभग आधा दर्जन बार इनके निर्माण का शिड्यूल बदला गया। नए शिड्यूल के अनुसार भेल को दोनों यूनिट इस साल के अंत तक बना लेने का टारगेट दिया गया था।

बिजलीघर के निर्माण में कई बाधाएं थी। एक बड़ी बाधा पानी भी थी। गंगाजल मिल जाने के बाद यह अवरोध दूर हो गया। उधर, बिजलीघर की पुरानी यूनिट के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण में आ रही तकनीकी बाधाओं के कारण भी नई यूनिट का निर्माण भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही थी। हालांकि नई यूनिटों का काम शुरू में तो काफी तेजी से चला, लेकिन फिर इसकी रफ्तार सुस्त हो गई।