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नाव से

नाव से

Danik Bhaskar | Nov 24, 2017, 03:26 PM IST

पटना. कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि शेडनेट लगा कर बेमौसम में भी सब्जी उगा कर किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं। 2000 वर्गमीटर में शेडनेट लगाने के लिए सरकार 75 प्रतिशत अनुदान यानी लागत मूल्य 25 लाख में 18.75 लाख रुपए अनुदान देती है। शेडनेट में शिमला मिर्च की खेती सहित अन्य बेमौसमी सब्जी की खेती की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि शिमला मिर्च में विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम, कैल्शियम, लौह तथा अन्य खनिज तत्त्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सामान्यतः शिमला मिर्च की संरक्षित खेती पॉलीहाउस या कीटरोधी शेड नेट लगाकर प्रत्येक मौसम में सफलतापूर्वक किया जा सकता है। शिमला मिर्च की खेती के लिए दिन का तापक्रम 22 से 29 डिग्री सेंटीग्रेड एवं रात्रीकालीन तापमान 16 से 18 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है। अधिक तापमान में इसके फूल झड़ने लगते हैं एवं कम तापमान से पराग कणों की जनन-क्षमता कम हो जाती है। शिमला मिर्च की खेती के लिए सामान्यतः बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त रहती है, जिसमें अधिक मात्रा में कार्बनिक पदार्थ मौजूद हो एवं जल निकास भी अच्छा हो।

शिमला मिर्च की खेती के लिए कैलिफोर्निया वंडर, येलो वंडर, रॉयल वंडर, ग्रीन गोल्ड, भारत अर्का बसंत, अर्का गौरव, अर्का मोहिनी, इन्द्रा, बॉम्बे लारियों एवं ओरोबेली, आशा, हीरा आदि किस्में प्रचलित हैं। सामान्य प्रभेद के शिमला मिर्च की खेती के लिए 750-800 ग्राम एवं संकर प्रभेद के लिए 200-250 ग्राम प्रति हेक्टेयर बीज की जरूरत होती है।

शिमला मिर्च में फलों की तुड़ाई हमेशा पूरा रंग व आकार होने के बाद ही करनी चाहिए। तुड़ाई करते समय 2-3 सें॰मी॰ लंबा डण्ठल फल के साथ काटा जाना चाहिए। इसके संकर किस्मों से औसत पैदावार 700-800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।