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Danik Bhaskar | Nov 24, 2017, 03:27 PM IST

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस वर्ष दिसंबर के अंत तक राज्य के हरेक बसावट तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली कनेक्शन निश्चय योजना की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। बैठक में कजरा (लखीसराय) और पीरपैंती (भागलपुर) में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर चर्चा हुई। दोनों स्थानों पर एनटीपीसी को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिसंबर 2017 के अंत तक हर बसावट तक बिजली पहुंचाने का कार्य पूर्ण कर लेने का आदेश दिया। उन्होंने एनटीपीसी की बाढ़ इकाई को कोयला आपूर्ति के उद्देश्य से कोडरमा से राजगीर के लिए रेलवे लाइन के विस्तारीकरण की जानकारी ली। इस मार्ग से एनटीपीसी के लिए कोयला लाने में सहूलियत होगी। एनटीपीसी से उत्पादित बिजली का बिहार में ही उपयोग किया जाएगा।

बैठक में बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कम्पनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) के जेनरल एसेट को राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) को हस्तांतरित करने के संबंध में तैयार प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। बरौनी थर्मल पावर, कांटी थर्मल पॉवर और एनपीजीसीएल नवीनगर एनटीपीसी को हस्तांतरित करने के संबंध में विचार-विमर्श हुआ।

बैठक के आरंभ में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, एनटीपीसी के प्रतिनिधिमंल के साथ ही अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।