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धमकी देकर

धमकी देकर

Vivek Kumar| Last Modified - Nov 16, 2017, 10:14 AM IST

Sampradha Singh of Bihar ahead of Anil Ambani
धमकी देकर

पटना.  फोर्ब्स ने भारत के 100 सबसे धनी लोगों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में बिहार के संप्रदा सिंह ने मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी से आगे निकल गए हैं। फोर्ब्स की सूची में संप्रदा सिंह 43वां स्थान पर हैं। जबकि अनिल अंबाली 45वें स्थान पर हैं। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार अभी भी  60 वर्षीय मुकेश अंबानी भारत के सबसे दौलतमंद इंसान हैं। 3.3 बिलियन डॉलर के मालिक हैं संप्रदा सिंह...

- संप्रदा सिंह बिहार के जहानाबाद जिले के रहने वाले हैं।
- संप्रदा सिंह अल्केम लेब्रोटीज के संस्थापक और चेयरमैन हैं। 
- इनके पिता एक संधारण किसान परिवार थे।
- संप्रदा सिंह बचपन से डॉक्टर बनना चाहते थे।
- वे पटना यूनिवर्सिटी से बीकॉम की अपनी पढ़ाई पूरी की।
- इसके बाद वे पटना में 1953 में एक दवा दुकान से अपना व्यवसाय शुरु किया था। 

विक्रेता से निर्माता का सफल मुकाम
- दवा की दुकान चलाने में उन्हें मन नहीं लगा।
- 1960 में उन्होंने पटना में ही  फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूशन फर्म मगध फार्मा खोली। 
- मेहनत व मिलनसारिता के कारण वे शीघ्र ही कई बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर बन गए।
- लेकिन इन्हें यहां भी मन नहीं लगा।
- वे दवा विक्रेता से दवा निर्माता बनने का संकल्प लेकर मुंबई शिफ्ट कर गए। 
- यहां 1973 में उन्होंने एल्केम लेबोरेटरीज स्थापित की । 
- सीड कैपिटल बहुत कम होने से प्रारंभिक पांच साल उन्हें संघर्ष करना पड़ा। 
-लेकिन, 1989 में टर्निंग पाइंट आया।
- जब एल्केम लैब ने एंटी बायोटिक कंफोटेक्सिम का जेनेरिक वर्जन टेक्सिम बनाया।
- इसकी इनवेंटर कंपनी मेरिन रूसेल (अब सेनोफी एवेंटिस) ने एल्केम को बहुत छोटा प्रतिस्पर्धी मानकर गंभीरता से नहीं लिया।
- फ्रेंच बहुराष्ट्रीय कंपनी से चूक हुई और किफायती मूल्य के कारण टेक्सिम ने मार्केट में वर्चस्व कायम कर लिया।

फोर्ब्स इंडिया में पहले बिहारी उद्यमी
- एल्केम लेबोरेटरीज आज फार्मास्युटिकल्स और न्यूट्रास्युटिकल्स बनाती है।
- 30 देशों में इसका कारोबार फैला हुआ है।
- फोर्ब्स इंडिया ने 100 टॉप भारतीय कुबेरों की सूची में संप्रदा सिंह को 43वां स्थान मिला है। 
- संप्रदा सिंह यह दर्जा हासिल करने वाले पहले बिहारी उद्यमी हैं।
- उम्र के शीर्ष पर पहुंचकर वे थके नहीं हैं।
- अभी तो मीलों चलना है, बहुत कुछ करना है।
- वे कहते हैं बिहार में मुझे 100 करोड़ रुपए निवेश करना है। 
- वे शीघ्र ही  एग्रो फूड यूनिट स्थापित कर रहे हैं।
- अब वे दवाओं के साथ शुगर फ्री टॉफी, रसगुल्ला, बिस्किट भी बनाएंगे। 

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