--Advertisement--

मौके पर मौके पर

मौके पर मौके पर

Dainik Bhaskar

Nov 22, 2017, 04:39 PM IST
The solution of the problem of co-auditing officers will be soon

पटना. सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ने सहकारी अंकेक्षण पदाधिकारियों की समस्या का शीघ्र समाधान का भरोसा दिया। बुधवार तारामंडल सभागार में राज्य सहकारी अंकेक्षण पदाधिकारी संघ के 38 वां सम्मेलन में उन्होंने कहा कि ऑडिटर्स को नियमानुसार समय पर प्रोन्नति मिलना चाहिए। वेतन विसंगति दूर करने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। अंकेक्षक को लैपटॉप देने पर विचार किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि पैक्स सहित सभी सहकारी संस्थाओं के ऑडिट की बड़ी जिम्मेदारी सहकारी ऑडिटर्स की है। धान खरीद अधिक हो, इसके लिए सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने धान खरीद पर बैठक के दौरान पैक्स को प्रति क्विंटल 10 रुपए और सहकारी बैंक को 5 रुपए प्रति क्विंटल इंसेंटिव देने पर सहमति दी। ऐसा पहली बार हो रहा है। धान खरीद में राशि की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 600 करोड़ के अतिरिक्त 500 से 700 करोड़ रुपए पर बैंक को गारंटी देने की बात कही है।

निबंधक सहयोग समितियां नरेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि सहकारी समितियों में वित्तीय अनुशासन जरूरी है। यह सही गुणवत्तापूर्ण ऑडिट से ही संभव है। अंकेक्षकों को ऑडिट के दौरान इसे ध्यान रखना चाहिए। सहकारी समितियों के मामले में निर्णय लेने निबंधक को ऑडिटर्स ही सहयोग करता है, इसलिए सही निर्णय के लिए जरूरी है कि सही और गुणवत्तापूर्ण ऑडिट हो। उन्होंने कहा कि ऑडिटर्स की मांगों के क्रियान्वयन के लिए विभाग ने वित्त विभाग को फाइल भेजा था, लेकिन वित्त से फाइल लौट गई कि वहां भी ऑडिटर्स और ऐसा करने पर नियम में बदलाव करना होगा। लगभग 160 नए ऑडिटर्स की नियुक्ति हुई है, लेकिन नियम के अनुसार तीन वर्ष तक नए ऑडिटर्स ऑडिट नहीं कर सकते हैं। इस नियम में बदलाव की कोशिश हो रही है।

इसके पहले संघ का महामंत्री अभय कुमार वर्मा ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से ऑडिटर्स को प्रोन्नति नहीं मिली है। अभी वरीय अंकेक्षक पद पर 63 कार्यरत है, जबकि 148 पद रिक्त है। 160 अंकेक्षक को प्रोन्नति नहीं मिली है। इन्हें वरीय अंकेक्षक में प्रोन्नति दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम को विधान पार्षद सूरज नंदन कुशवाहा व संयुक्त निबंधक सुरेश शर्मा ने भी संबोधित किया। स्वागत संघ के अध्यक्ष सत्य नारायण प्रसाद ने किया। मौके पर भोरिक यादव, कौशल किशोर, अरविंद कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, पंकज कुमार द्विवेदी व विनय कुमार आदि मौजूद थे।

X
The solution of the problem of co-auditing officers will be soon
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..