अच्छी खबर / कैबिनेट का फैसला: 32.86 लाख गरीब परिवारों के लिए बनेंगे पक्के मकान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)।

  • पीएम आवास योजना से छूटे लोगों को लाभ, एईएस पीड़ित 4665 परिवारों को भी मिलेगा घर
  • 7319 कुंओं का जीर्णोद्धार होगा, औद्योगिक प्रोत्साहन नीति में संशोधन, भूमि लागत की सीमा बढ़ी

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2020, 11:06 AM IST

पटना. राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना से छूटे 32.86 लाख परिवारों और मुजफ्फरपुर में एईएस प्रभावित 4665 परिवारों के लिए सरकार पक्के मकान बनवाएगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सभी आवासों का निर्माण मुख्यमंत्री आवास योजना से कराया जाएगा।

हर मकान के निर्माण पर 1.20 लाख रुपए खर्च होंगे। अभी इसके लिए 120 करोड़ रुपए जारी किए हैं। ग्रामीण विकास सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरपुर में एईएस प्रभावित प्रखंड बोचहां, कांटी, मीनापुर, मोतीपुर और मुसहरी के सभी योग्य परिवारों को घर मिलेगा। अभी ऐसे परिवारों की संख्या 4665 है। लेकिन ऐसे परिवारों का फिर से सर्वे होगा।

7319 कुंओं का जीर्णोद्धार होगा, 45.67 करोड़ मंजूर
जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य के 7319 कुंओं का जीर्णोद्धार होगा। यह संख्या पहले चरण में लिए गए 1068 कुंओं के अलावा जीर्णोद्धार होगा। इसके लिए कैबिनेट ने 45.67 करोड़ रुपए दिए हैं। पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल बनेगा। कैबिनेट ने इस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेड की संख्या 300 से बढ़ा कर पांच सौ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए फिलहाल 87.78 करोड़ रुपए जारी किए गए। दूसरी ओर आईजीआईएमएम में मॉलिक्यूलर माइक्रोबायोलॉजी और मॉलिक्यूलर जिनोमिक्स लैब खोला जाएगा। इसके लिए भी अस्पताल प्रबंधन को 78 करोड़ रुपए दिए गए हैं। आईजीआईएमएस में खुलने वाला यह बिहार का पहला जिनोमिक्स लैब होगा। 

औद्योगिक प्रोत्साहन नीति में संशोधन, भूमि लागत की सीमा में इजाफा
राज्य में औद्योगिक प्रोत्साहन नीति  2016 के तहत भूमि लागत की सीमा 10 प्रतिशत से बढ़ा कर 20 प्रतिशत कर दी गई है। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। किसी भी इंडस्ट्री के लिए जमीन की कीमत का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन योजना का लाभ देती थी उसकी सीमा बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं यूनिट से उत्पादन में एक चौथाई भी बढ़ोत्तरी करती है तो औद्योगिक नीति के तहत प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा। इसी तरह आधुनिकीकरण की सीमा को कम से कम 50 प्रतिशत की बजाए 25 प्रतिशत कर दिया गया है। दूसरी ओर राज्य में 31 दिसंबर 2019 तक जीएसटी के बकाया मामलों के निपटारे के लिए ओटीएस लाया जाएगा। नियमावली के समाप्त होने के 20 दिनों तक ही लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

अन्य फैसले

  • धान खरीद के लिए एसएफसी के 4000 करोड़ रुपए कर्ज की गारंटी लेगी सरकार। 
  • बिहार कराधान विवाद समाधान नियमावली 2020 की स्वीकृति।
  • बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2016 का संसोधन।
  • मुंगेर में भीम बांध पथ के निर्माण के लिए 31.41 करोड़ रुपए जारी।
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