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कोर्ट हाजत में बंदी जुम्मन ने रेता गला, उसे गाड़ी तक पहुंचाने में दो कैदी भाग निकले

मुजफ्फरपुर कोर्ट हाजत की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़ा हो गया

Dainik Bhaskar

Sep 08, 2018, 11:11 AM IST
Captive sore throat in court hajat, two prisoner escaped

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर कोर्ट हाजत की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़ा हो गया है। शुक्रवार की शाम जुम्मन मियां नामक चर्चित बंदी ने तीसरी बार कोर्ट हाजत में खुद का गला रेत लिया। उसके गला काटने के बाद अन्य बंदियों ने बवाल शुरू कर दिया।

खून से लथपथ हालत में दो बंदी उसे टांग कर कोर्ट हाजत से बाहर ले गए। बाहर में कोई गाड़ी न देख वे जख्मी को लेकर आईजी कार्यालय के सामने खड़े वज्र वाहन तक ले गए और उस पर लादने के बाद फिल्मी अंदाज में भाग निकले। उधर, हाजत से जख्मी बंदी को वज्र वाहन तक पहुंचाने के दौरान हाथ पर हाथ धरे सुरक्षाकर्मी अचानक सक्रिय हो गए और पुलिस महकमे में हाय-तौबा मच गई।

4 बार काट चुका था गला
-जख्मी विचाराधीन बंदी जुम्मन मियां कांटी थाने के सरमस्तपुर का है। पूर्व में भी जेल व कोर्ट हाजत में 4 बार गला काट कर जान देने का प्रयास कर चुका है।

- फरार होने वाला बंदी अहियापुर थाने के विजयी छपरा का राजू सहनी व मीनापुर छपरा का रोशन कुमार बताया गया है।

- राजू पर 4 केस दर्ज हैं। वह 15 जुलाई 2016 से जेल में था, जबकि रोशन 26 फरवरी 2016 से।
- रोशन ड्रग्स के मामले में जेल में बंद था। तीनों की पेशी हो चुकी थी। इसी दौरान जुम्मन ने गला रेत लिया।

- बंदी हंगामा करने लगे तो कोर्ट हाजत में तैनात सिपाही उन्हें संभालने में जुट गए। जबकि, खून से लथपथ जुम्मन को गाड़ी में लादने के बाद राजू व रोशन भाग निकले।

20 पुलिसकर्मियों में 1 भी आगे नहीं बढ़ा
- कोर्ट हाजत की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर एक इंस्पेक्टर समेत आधा दर्जन पदाधिकारी व 25 जवानों की तैनाती है।
- शुक्रवार को भी तकरीबन 20 पुलिसकर्मी तैनात थे। गला काटने के बाद बंदी जुम्मन को टांग कर जिस समय दोनों बंदी आगे बढ़े, एक भी पुलिसकर्मी सुरक्षा की दृष्टि से आगे बढ़ना मुनासिब नहीं समझा।
- दोनों बंदी जख्मी बंदी को लेकर जोनल आईजी कार्यालय तक पहुंच गए। उस गेट पर भी दो पुलिसकर्मियों की तैनाती है। जोनल आईजी कार्यालय के ठीक सामने से दोनों बंदी भाग निकले।

जुम्मन की मां ने किया हंगामा
- जुम्मन मियां की मां व अन्य परिजनों ने कोर्ट हाजत के बाहर जम कर हंगामा किया। उसकी मां ने कहा कि पुलिस की प्रताड़ना की वजह से उसका बेटा बार-बार आत्महत्या का प्रयास करता है। जेल व कोर्ट हाजत में उसे प्रताड़ित किया जाता है। परिजनों को मिलने नहीं दिया जाता।

सदर अस्पताल में भी इलाज के लिए हुआ हंगामा
- गंभीर स्थिति में बंदी जुम्मन को लेकर जब पुलिस पहुंची तो काफी समय तक इलाज शुरू नहीं हुआ। परिजन हंगामा करने लगे।
- मामला डीएम तक पहुंचा। सीएस को मौके पर पहुंचना पड़ा। तब जाकर इलाज शुरू हुआ। जुम्मन की हालत स्थिर बताई गई है।

संतोष झा की हत्या बाद भी सबक नहीं ली पुलिस
- चंद दिन पहले सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में कुख्यात अपराधी संतोष झा की हत्या से भी मुजफ्फरपुर पुलिस सबक नहीं ले सकी है।
- पूर्व में मुजफ्फरपुर कोर्ट में भी कुख्यात अपराधी जुगनू पर गोलियां चलीं। कैदी सूरज कोर्ट परिसर में ही मारा गया।
- पेशी के दौरान कई बंदी मुजफ्फरपुर कोर्ट से भाग चुका है। बावजूद मुजफ्फरपुर पुलिस सक्रिय नहीं हो रही।
- स्थिति का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैदी के गला काटने व आईजी कार्यालय के सामने से दो कैदियों के फरार होने की कितने समय बाद टाउन थानेदार मौके पर पहुंचे।

पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी टाउन डीएसपी को दी गई है। दो बंदी फरार हुए हैं। डीएसपी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

-हरप्रीत कौर, एसएसपी।

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