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पटना / पुलिस से मुख्यमंत्री का बड़ा सवाल- जनता को भगवान या क्रिमिनल के भरोसे छोड़ देंगे क्या?



पुलिस मुख्यालय के नए भवन का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुलिस मुख्यालय के नए भवन का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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पुलिस मुख्यालय के नए भवन का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमारपुलिस मुख्यालय के नए भवन का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

  • 320 करोड़ की लागत से बने पुलिस मुख्यालय का उद्‌घाटन
  • यह भी कहा- मुझे नहीं पता है- शराबबंदी के बाद अंदर कैसा-कैसा खेल चल रहा है?

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 04:21 AM IST

पटना. बिहार पुलिस को सरदार पटेल भवन की सौगात देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को पुलिस वालों के कारनामों पर जमकर बरसे। बिहार के इस प्रथम भूकंपरोधी भवन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पुलिस वालों को सुविधा, संसाधन और सुरक्षा दे रहे हैं, तो क्या आप जनता के बारे में नहीं सोचिएगा? क्या जनता को भगवान या क्रिमिनल के भरोसे छोड़ दीजिएगा?

 

हमने बिहार में शराबबंदी लागू की। लेकिन अंदर कैसा-कैसा खेल हो रहा है, क्या मुझे पता नहीं है। याद रखिएगा, कई साल पहले पटना की सड़कों पर एक महिला के साथ एक घटना हुई थी, उसके बाद ऊपर से नीचे तक क्या हाल हुआ था? पुलिस सोचे कैसे कानून का राज कायम रहेगा, अपराध कैसे नियंत्रित होगा और कैसे खत्म होगा भ्रष्टाचार? इस भवन के लिए 337 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे लेकिन यह 320 करोड़ रुपए में ही तैयार हो गया।  

 

26 थानों सहित 109 पुलिस भवनों का उद्‌घाटन, 46 का शिलान्यास : मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत बढ़िया भवन बना है, जहां काम करने का अच्छा वातावरण मिलेगा। आप सब यहां बैठकर चिंतन मनन कीजिए कि कैसे अपराध पर नियंत्रण रखा जाए, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए, किस प्रकार बेहतर काम किया जाए कि प्रेम और सद्भाव का विकास हो? बिहार में ही पुलिस ऐसी है जिसकी मानसिकता पर कभी भी सांप्रदायिकता का आरोप नहीं लगा है। पुलिस अपने अंदर अनुशासन का भाव बनाए रखे। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा बनाए गए 26 थाना भवनों सहित 109 पुलिस भवनों का उद्घाटन 46और पुलिस भवनों का शिलान्यास रिमोट से किया। 

 

लोगों की अपेक्षा पर खरा उतरें पुलिसकर्मी : मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस वालों की भी चिंता करती है, आप भी जनता की अपेक्षा पर खरा उतरें। आप लोग काम करें ना करें लेकिन मैं तो अपने काम और जनता के प्रति समर्पित हूं। मैंने जितनी बातों का सुझाव दिया, पुलिस उसे थोड़ा प्रेम से समझे, सोचे और अमल करे तो समाज में एक बड़ा बदलाव आएगा। पुलिस की बड़ी भूमिका है। ऐसा कीजिए कि मन को संतोष हो और बिहार की जनता का आत्मविश्वास बढ़े। समाज सुधार के अभियान में पुलिस वालों से और भी उम्मीदें हैं, इसे मन से कीजिए। हमलोग उनलोगों का ख्याल रखते हैं, जो लोगों का ख्याल रखते हैं।

 

नीतेश बोले- नया पुलिस भवन किला बनकर न रह जाए, हफ्ते में एक दिन यहां पब्लिक से बात हो : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस अधिकारियों से कहा- नया पुलिस भवन सिर्फ किला बन कर नहीं रह जाए। इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। सप्ताह में एक दिन आम जनता के साथ भी बातचीत होनी चाहिए, ताकि लोगों को यहां पर आने का मौका मिले, वे अपनी शिकायतें आपके सामने रख सकें।

 

हाजिरी बायो मैट्रिक्स के साथ हस्ताक्षर से भी होनी चाहिए। इस भवन से थाने की डायरेक्ट मॉनिटरिंग की व्यवस्था हो। यह बड़ा भवन है। जगह की कमी नहीं है। वे शुक्रवार को बिहार पुलिस मुख्यालय के नए भवन (सरदार पटेल भवन) के उद्‌घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। 


बेहतर कार्यशैली आपकी जिम्मेदारी है : मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार, वाहन, हथियार, तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराती है। पुलिसकर्मी और अफसर की नियुक्ति के लिए पद की स्वीकृति सरकार देती है। आपलोगों की जिम्मेवारी है कि अच्छे लोगों का चयन कर बेहतर कार्यशैली को विकसित करें।  


...तो पटना में मारे जाएंगे पांच लाख लोग : नीतीश ने कहा कि वर्ष 2002 में गुजरात में भूकंप आया था। अगर उसी रिक्टर स्केल का भूकंप पटना में आया तो कम से कम 5 लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु होगी। यह बात मुझे गुजरात भूकंप के दौरान एक प्रेजेंटेशन में विशेषज्ञों ने बताई थी। राज्य में ना तो आपदा प्रबंधन की किसी को चिंता थी और ना ही भूकंप को लेकर कोई जागरूकता। बिहार में वर्ष 2005 में कार्यभार संभालने के बाद मैंने आपदा प्रबंधन विभाग को मजबूत बनाया। 

 

बेहतर होगा पुराने भवनों की रिट्रोफिटिंग के बदले वहां नया भवन बना दें : मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने महत्वपूर्ण भवनों को रिट्रोफिटिंग करके भूकंपरोधी बनाया जा रहा है। लेकिन इसमें काफी खर्च आ रहा है। इसलिए जो ज्यादा महत्वपूर्ण सरकारी भवन हैं, उन्हें ही रिट्रोफिटिंग द्वारा भूकंपरोधी बनाया जाना चाहिए। अन्य भवन जिनकी आयु काफी हो गई है, उनकी रिट्रोफिटिंग करने की बजाए वहां नया भवन बनाए जाने के विकल्प पर विचार करना चाहिए।
12 दिन लोग रहेंगे सुरक्षित  : मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के नाम पर यह भवन बना है। यहां से पुलिस मुख्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग की तमाम गतिविधियां संचालित होंगी। इस भवन में 12 दिन तक लोग लगातार सुरक्षित रह सकते हैं और विषम परिस्थिति में भी राज्य के लोगों की यहां से मदद की जा सकती है।

 

सरकार हेलीकॉप्टर खरीदना चाहती है, डीजीपी खरीदते ही नहीं :नीतीश ने कहा कि सरकार पुलिस के लिए हेलीकॉप्टर खरीदना चाहती है। डीजीपी पर डीजीपी बदलते जा रहे हैं लेकिन हेलीकॉप्टर खरीदा नहीं जा रहा है। यह भी याद रखें, भवन की छत पर बना हेलीपैड सिर्फ पुलिसवालों के लिए ही नहीं है। फिर उन्होंने डीजीपी केएस द्विवेदी से कहा कि डीजीपी साहब कोशिश कीजिए पुलिस मुख्यालय जल्द से जल्द यहां शिफ्ट हो जाए और काम भी जल्द शुरू करे। यह नहीं हो कि नए भवन में आ जाने के बाद भी पुराने भवन पर से कब्जा बना रहे। यहां आकर बैठिए। मैं भी सप्ताह में एक दिन यहां आऊंगा। लेकिन यह नहीं बताऊंगा कि कब आना है?

 

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