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दूसरों के एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर खाते से कर लेते थे निकासी, तीन शातिर गिरफ्तार

पुलिस ने एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर दूसरे के बैंक खातों से निकासी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गांधी मैदान...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 04:50 AM IST
Patna - दूसरों के एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर खाते से कर लेते थे निकासी, तीन शातिर गिरफ्तार
पुलिस ने एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर दूसरे के बैंक खातों से निकासी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गांधी मैदान पुलिस ने मरांची के राजू कुमार, हर्षित कुमार और जमुई के अमित कुमार को गांधी मैदान स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के पास स्थित एटीएम के पास से गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना दीपक और एक अन्य अबतक गिरफ्त से दूर है। तीनों के पास से पुलिस ने 4 लाख 10 हजार नगद, छह मोबाइल, एक लैपटॉप, 15 एटीएम कार्ड, एक लग्जरी कार, सोने की चेन और अंगूठी बरामद की है। ये शातिर बिहार के साथ-साथ कई राज्यों में फर्जीवाड़ा कर चुके हैं। कुछ माह पहले लखनऊ और गुजरात में इसी गिरोह ने कई लोगों के खातों से लाखों की निकासी की थी। इसके बाद दोनों जगहों की पुलिस ने पटना के एसएसपी मनु महाराज से संपर्क किया। एसएसपी के आदेश पर गांधी मैदान थानेदार दीपक कुमार और उनकी टीम ने कार्रवाई की। एसएसपी ने कहा कि गिरोह के कुछ लोग अभी फरार हैं। छापेमारी की जा रही है। ऐसे शातिरों से लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए।

स्कीमर व डेटा रिकार्डर से चुरा लेते थे डेटा

शातिरों ने पुलिस को बताया कि ये भीड़भाड़ वाले इलाकों की एटीएम को निशाना बनाते हैं। ऐसी एटीएम में वे उन लोगों पर नजर रखते हैं जिन्हें पैसे निकालने में परेशानी होती है। ऐसे लोगों को मदद करने के बहाने शातिर एटीएम के अंदर जाते हैं और उनका एटीएम कार्ड ले लेते हैं। फिर स्कीमर या डेटा रिकार्डर में चोरी-छिपे कार्ड को स्वैप करा देते हैं। मदद करने के बहाने शातिर कार्ड का पिन नंबर भी देख लेते थे। कार्ड के स्वैप होते ही स्कीमर एटीएम कार्ड का डेटा रिकार्ड कर लेता है और उसके बाद शातिर क्लोन एटीएम कार्ड तैयार कर लेता था। एक बार क्लोन एटीएम तैयार होने में शातिर लोगों के खातों से लाखों की निकासी कर लेते थे। एसएसपी ने बताया कि ये शातिर क्लोन एटीएम कार्ड की मदद से रात के 11.30 और और 12 बजे से पैसे निकालना शुरू करते थे।

यूपी व गुजरात में भी लगा चुके हैं चपत

दो तरीके से होती है एटीएम की क्लोनिंग

शातिर एटीएम की क्लोनिंग दो तरीके से करते हैं। एटीएम के कार्ड रीडर के पास स्कीमर लगा देते हैं। यह बिल्कुल उस स्लाट की तरह होती है, जहा पर एटीएम कार्ड डेटा जाता है। कार्ड डालने पर डेटा स्कीमर में लगी चिप में काॅपी हो जाता है। दूसरे तरीके में शातिर हाथ में ही डेटा रिकार्डर रखते हैं जो स्वेपिंग मशीन जैसी होती है। कस्टमर को मदद करने के बहाने शातिर अपने मशीन में कार्ड का स्वैप करा देते हैं और डेटा रिकार्ड हो जाता है।

महंगे होटलों में ठहरता है गैंग

पुलिस को गैंग के सरगना दीपक की तलाश है। दीपक के गिरफ्त में आने के बाद कई और खुलासे होंगे। फिलहाल गिरफ्त में आए शातिरों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे लोग जिस शहर में फर्जी तरीके से मोटी रकम की निकासी होती है उसे तत्काल ही छोड़ देते हैं। कहीं आने-जाने के लिए सभी हवाई यात्रा का इस्तेमाल करते हैं। किसी भी शहर में उनका स्थायी ठिकाना नहीं होता है और वे महंगी गाड़ियों में सफर करते हैं और महंगे होटलों में ठहरते हैं ताकि किसी को शक न हो।

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