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सीएम ने कहा- बिहार के जायरीनों के लिए अजमेर में बनेगा बिहार सदन

एक वर्ष पहले
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हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक महान सूफी संत हजरत ख्वाजा गरीब नवाज (र.अ.) के दर पर जाने वाले बिहार के लोगों को वहां ठहरने के लिए अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार अजमेर में सुल्तानुल हिंद ख्वाजा मोइन उद्दीन चिश्ती (र.अ.) के आस्ताने से करीब 6 किलोेमीटर दूर कायड़ में बिहार सदन का निर्माण कराएगी। ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह कमेटी के वरीय सदस्य अल्हाज मो.फारूक आजम ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें अजमेर में बिहार सदन बनवाने का प्रस्ताव दिया। इस पर सीएम ने इसे प्रथम वरीयता सूची में रखने के लिए संबधित अधिकारियों को निर्देशित किया। सीएम की ओर से इस साल भी ख्वाजा गरीब नवाज के आस्ताने पर चादरपोशी की गई थी। फारूक ने मुख्यमंत्री को ख्वाजा गरीब नवाज के तोहफे के रूप में शॉल, टोपी भेंट किए और उन्हें दस्तारबंदी की। सीएम को नेशनल इंटीग्रेशन अवार्ड-2020 से भी सम्मानित किया। इस अवसर पर मुस्तफा कमाल, आबिद हुसैन, अजीमुश्शान अहमद भी मौजूद रहे।

बिहार सदन के लिए दरगाह कमेटी दो बिगहा जमीन देगी : दरगाह कमेटी के मीडिया प्रभारी साहेब रजा खान छपरवी ने बताया, कमेटी के पास वक्फ की जमीन है। दरगाह से करीब 6 किलोमीटर दूर कायड़ में कमेटी बिहार सदन के लिए दो बिगहा जमीन देगी। सीएम ने भरोसा दिलाया है कि 28 मार्च के बाद बिहार सरकार के अधिकारी अजमेर जाएंगे। अजमेर में कर्नाटक सरकार ने दरगाह कमेटी की जमीन पर अपने राज्यों से आने वाले जायरीनों के लिए सदन बनवाया है। बिहार से हर साल उर्स के मौके पर करीब एक लाख अकीदतमंद ख्वाजा की दरबार जाकर चादरपोशी करते हैं। ख्वाजा गरीब नवाज के आस्ताने से चंद किलोमीटर दूर पुष्कर है, जहां ब्रह्माजी का मंदिर है। बिहार के लोग भी भारी तादाद में यहां जाते हैं। बिहार सदन के बन जाने से पुष्कर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।

सीएम नीतीश कुमार को ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह कमेटी की ओर से नेशनल इंटिग्रेशन अवाॅर्ड से सम्मानित करते कमेटी के वरीय सदस्य।
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