मुजफ्फरपुर / केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और मंगल पांडे के खिलाफ परिवाद दायर, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन।
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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन।बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन।

  • इस मामले में सीजेएम कोर्ट में 24 जून को होगी सुनवाई
  • बिहार में मस्तिष्क ज्वर से अब तक 127 मासूमों की मौत
  • स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचकर हालात का जायजा लिया था

Jun 17, 2019, 05:38 PM IST

मुजफ्फरपुर. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया गया। बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (मस्तिष्क ज्वर) से हो रही बच्चों की मौत को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने परिवार दायर किया। आरोप है कि एईएस को लेकर सरकार ने जागरुकता नहीं फैलाई। इस मामले की सुनवाई 24 जून को होगी। डॉ. हर्षवर्धन और अश्विनी चौबे ने रविवार को मुजफ्फरपुर आकर हालात का जायजा लिया था।

 

तमन्ना हाशमी ने आवेदन में लिखा है कि जागरुकता अभियान नहीं चलाने की वजह से मस्तिष्क ज्वर से बच्चों की मौत हुई। इस बीमारी से हर साल बच्चों की मौत होती है। लेकिन, इसके बाद भी आज तक इस पर कोई शोध नहीं हुआ। सरकार की लापरवाही की वजह से बच्चों की जान जा रही है। सरकार की तरफ से किए जा रहे सारे दावे हवा-हवाई हैं।


अब तक 127 मासूमों ने तोड़ा दम
मस्तिष्क ज्वर या एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) बीमारी से 127 बच्चों की मौत हो चुकी है। बिहार में रविवार देर रात तक और 28 बच्चों की मौत हो गई। मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में 18, केजरीवाल अस्पताल में तीन, वैशाली में चार और मोतिहारी में तीन बच्चों की मौत हो गई। मई-जून में अब तक राज्य में 122 बच्चों की जान जा चुकी है। पिछले 10 सालों में बिहार में 471 बच्चे इस बीमारी से मारे जा चुके हैं।

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