लूटपाट के लिए किराया का मकान लेकर रह रहे अन्य जिलाें के अपराधी
राजधानी पड़ोसी जिले के अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गई है। सारण, वैशाली, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर के अपराधी आए दिन पटना में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। कई ने ताे इसके लिए पटना में किराया का घर ले रखा था। ऐसे अपराधी अपने जिलों में घटना को अंजाम देने के बाद पटना आकर छिप जाते हैं। सिर्फ पड़ोसी जिले ही नहीं, मोतिहारी, दरभंगा, समस्तीपुर के अपराधी भी पिछले कुछ महीनों में राजधानी से गिरफ्तार हुए हैं। इन जिलों के अपराधी राजधानी में लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसे अपराधियों के निशाने पर शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठान होते हैं। हाल में हुई लूट और डकैती की कई घटनाअाें में पड़ोसी जिले के अपराधियों की ही संलिप्तता पाई गई है। पिछले कुछ साल के अपराध के ट्रेंड को देखें तो दीघा गंगा ब्रिज के बनने के बाद वैशाली और सारण के अपराधी आसानी से पटना पहुंच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो दीघा गंगा ब्रिज पर पुलिसिया चौकसी को धता बताकर अपराधी पटना पहुंच रहे हैं। 7 मार्च को कंकड़बाग के एक शोरूम में डकैती करने पहुंचे अपराधियों ने गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया वे 6 मार्च को दीघा ब्रिज के रास्ते पटना पहुंच गए थे। हैरत की बात यह है कि देर रात अपराधी हथियार से लैस होकर बाइक से दीघा ब्रिज से गुजर जाते हैं और उन्हें कहीं रोका नहीं जाता है। 27 फरवरी को हथियारबंद अपराधियों ने कदमकुआं में सीए दंपती एके बंदोपाध्याय के घर से पांच लाख की डकैती कर ली थी। घटना में पुलिस ने मनीष कुमार, विजय, सोनू, विट्टू, अनिल प्रसाद, मनोज कुमार को गिरफ्तार किया। सभी अपराधी हाजीपुर, सारण के रहने वाले थे। अपराधियों में एक व्यक्ति सीए दंपती के पड़ोसी का ड्राइवर था जिसने पूरी साजिश रची थी।
फुलवारीशरीफ भी ठिकाना
जक्कनपुर पुलिस ने एक हफ्तर पहले कुख्यात रूदल और पंकज को गिरफ्तार किया था। दोनों वैशाली के रहने वाले थे और पटना में रहकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। अपराधी फुलवारीशरीफ में कुछ अपराधियों के साथ मिलकर रह रहे थे। वहीं शास्त्रीनगर के अशोकपुरी में ज्वेलरी दुकान से लूट के मामले में भी गिरफ्त में आए अपराधी वैशाली के ही थे। लूट के अधिकांश मामलों में दूसरे जिले के जो अपराधी गिरफ्तार हुए हैं उनका ठिकाना फुलवारीशरीफ या फिर दानापुर के इलाके में होता था। वे उन इलाकों के स्थानीय अपराधियों की मदद से राजधानी में रहते थे और घटना को अंजाम देते थे।