सूखे की आहट / 38 में से 28 जिलों में सामान्य से कम बारिश, बाढ़ पीड़ितों की तरह सूखा पीड़ितों को भी मिलेगी मदद

Crisis of drought after flood in Bihar, CM reviewed
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Crisis of drought after flood in Bihar, CM reviewed

  • बिहार में बाढ़ के बाद सुखाड़ का संकट, सीएम ने लिया जायजा 
  • सीएम ने सभी डीएम को सूखे की स्थिति का पंचायतवार आकलन कराने का टास्क सौंपा

दैनिक भास्कर

Aug 19, 2019, 10:49 AM IST

पटना. प्रदेश में बाढ़ के बाद अब सूखे की आशंका बढ़ गई है। एक जून से अबतक राज्य के 38 में से 28 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। सिर्फ 10 जिलों में सामान्य से 2 से 33%अधिक बारिश हुई है। रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार दक्षिण बिहार में सूखे की स्थिति बन रही है। ऐसे में हमें पहले से सचेत रहना होगा। 

 

नीतीश कुमार ने कहा है कि जैसे बाढ़ पीड़ितों की तरह सूखा पीड़ितों की भी सहायता की जाएगी। समीक्षा के दौरान सीएम ने सभी डीएम को सूखे की स्थिति का पंचायतवार आकलन कराने का टास्क सौंपा। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारियों को जल्द किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिलाने को कहा। बोले-अब एक लीटर डीजल पर 60 रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। 

 

बिहार में सूखे की स्थिति

5 लाख हेक्टेयर में कम रोपनी 
33 लाख हेक्टेयर में धान रोपनी का लक्ष्य है। 25.44 लाख हेक्टेयर में रोपनी हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 30.37 लाख हेक्टेयर में रोपनी हो चुकी थी। यानी पिछले साल की तुलना में 5 लाख हेक्टेयर कम रोपनी हुई। कुल रोपनी 77 प्रतिशत ही हुई है। 

 

पंचायत वार सूखे की तैयार होगी रिपोर्ट 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे की स्थिति के मद्देनजर वैकल्पिक फसल लगाने की व्यवस्था करें। जो किसान फसल नहीं लगा पाए, उनकी किस प्रकार सहायता की जा सकती है और उनके लिए रोजगार के क्या विकल्प हो सकते हैं, इसका भी विचार करें। बैठक में मौसम विज्ञान केंद्र के अफसरों ने बताया कि रविवार तक सूबे में 609.90 मिलीमीटर बारिश हुई। यह सामान्य 681.80 मिलीमीटर से कम है। मुख्यमंत्री ने सभी डीएम से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ और सुखाड़ की ताजा स्थिति की जानकारी ली।

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