पटना

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55 हजार पीडीएस में पॉस मशीन लगाने के लिए टेंडर जारी

राज्य के 8.57 करोड़ खाद्य सुरक्षा योजना के लाभुकों को पॉस के माध्यम से देना है अनाज।

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 08:19 PM IST

पटना. खाद्य सुरक्षा योजना के 8.57 करोड़ लाभुकों को सस्ते दर पर अनाज अगस्त से पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) के माध्यम से मिलेगा। पूरे राज्य में 55 हजार पीडीएस दुकानों में पीओएस मशीन लगाने के लिए टेंडर जारी हो गया है। रेंट के आधार पर पीओएस का संचालन के लिए एजेंसी को दिया जाएगा। खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी ने गुरुवार को बताया कि जल्द पीओएस लगाकर काम चालू करा दिया जाएगा। दो एजेंसी को पॉस लगाने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि सुचारू रूप से इसका संचालन हो सके। पॉस मशीन पर 93.39 करोड़ रुपए सलाना खर्च होंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत राशि खर्च करेगी।

1.54 करोड़ परिवार में से लगभग सवा करोड़ से अधिक परिवार का राशन कार्ड आधार से जुड़ गया है। पुराने 42 हजार पीडीएस के साथ नए 13 हजार पीडीएस में पॉस मशीन लगाना है। एजेंसी को पांच साल तक पॉस संचालन की गड़बड़ी दूर करने की भी जिम्मेदारी होगी। प्रति क्विंटल 17 रुपए खर्च होगा। इसमें आधी राशि केंद्र सरकार देगी।

पीडीएस दुकानों पर लाभुकों को पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से राशन देने के लिए लाभुकों का आधार से जुड़ना जरूरी है। लाभुकों का आधार नंबर इससे लिंक रहेगा। खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के डीएम को पत्र भेज कर निर्देश दिया है स्थानीय निगरानी समिति की मॉनीटरिंग में लाभुकों को राशन मिले। अगस्त से पीओएस मशीन लगाने तक निगरानी समिति राशन दिलाने के लिए मॉनीटरिंग करे, ताकि राशन वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत नालंदा के नूरसराय प्रखंड के सभी 59 पीडीएस दुकानों को पीओएस मशीन उपलब्ध कराया गया है। एटीएम कार्ड की तरह लाभुकों को कार्ड मिलेगा। इस कार्ड को मशीन में स्वीप करने पर पूरा डिटेल आ जाएगा कि लाभुक ने कब तक का राशन लिया है। या फिर अंगुठे का निशान लगाना होगा। आधार जुड़े होने से अंगुठे के निशान से भी पूरा डिटेल आ जाएगा। कीमत में भी गड़बड़ी नहीं होगी। लाभुक के पास एटीएम कार्ड की तरह लाभुकों के आधार इससे लिंक रहेगा। लाभुक के पीडीएस पर आकर सिर्फ अंगुठे का निशान देना होगा।

केंद्रीय खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय के निर्देशानुसार पॉस मशीन क्रय करना है। पॉस मशीन तीन मॉडल में एक का चयन करना है। पॉस मशीन से राशन देने में राशन की गड़बड़ी पर रोक लगेगी। कालाबाजारी व जमाखोरी भी रुकेगी। कूपन छपाई खर्च 15 से 16 करोड़ की राशि की बचत होगी।

लाभुकों का आधार से लिंक कर बायोमेट्रिक डाटा बैंक हो रहा तैयार

सभी लाभुकों का बायोमेट्रिक डाटा बैंक तैयार हो रहा है। लाभुकों को स्मार्ट राशन कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा। जिसमें उनके परिवार के सभी सदस्यों की विवरणी स्मार्ट राशन कार्ड में रहेंगी। जनवितरण प्रणाली के दुकानों में लाभूकों के अंगूठे का निशान उस इलेक्ट्रॉनिक मशीन में उपलब्ध होगा। मिलान करने पर जी.पी.आर.एस या एस.एम.एस के माध्यम से सेन्ट्रल सर्वर से तुरन्त ए.टी.एम कार्ड की तरह रसीद निकलेगा। रसीद के अनुसार भुगतान करने पर उपभोक्ता अपना अनाज ले सकेंगे। इस व्यवस्था से पीडीएस दुकानदारों का उपभोक्ताओं पर एकाधिकार समाप्त हो जाएगा। दुकानदारों में प्रतियोगिता की भावना होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य के 8.71 करोड़ लाभुकों को सस्ता अनाज मिलना है।

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