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ट्रेन से टीचर का पैर कटा लेकिन इन्हें तो देखिए इंसानियत को मार बनाते रहे VIDEO

भास्कर अपील: ऐसे हादसों के समय मोबाइल से फोटो खींचने के बजाए पीड़ित की मदद कर अच्छे नागरिक व मनुष्य होने का परिचय दें।

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 07:12 PM IST
पीड़ित का वीडियो बनाते हुए लोग। पीड़ित का वीडियो बनाते हुए लोग।

बक्सर (पटना). दानापुर रेलमंडल के डुमरांव रेलवे स्टेशन के पास रविवार को एक टीचर तूफान एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। दुर्घटना में उनका दायां पैर घुटने के नीचे से कट गया। लेकिन, संवेदनहीनता का आलम यह रहा कि जख्मी टीचर को इलाज कराने ले जाने के बजाय तमाशबीन भीड़ वीडियो बनाने में मशगूल रही। आधा घंटे तक वह ट्रैक पर छटपटाते रहे। बाद में जीआरपी ने उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसे के शिकार हुए टीचर बक्सर जिले के रजडीहा गांव के रहने वाले सीताराम तिवारी हैं।

वहीं, दूसरी तरफ एक का हाथ कटा तो नहीं आई एंबुलेंस

जमशेदपुर के विद्यासागर स्टेशन पर रविवार को ट्रेन से उतरने के दौरान मो. हबीब अंसारी (वृद्ध) गिर पड़े। ट्रेन की चपेट में आने से उनका दाहिना हाथ कट गया। वे गंभीर रूप से घायल थे और स्ट्रैचर पर तड़प रहे थे। व्यवस्था ने उसे तुरंत हॉस्पिटल नहीं पहुंचाकर दूसरी ट्रेन के आने का इंतजार किया।

जिससे वृद्ध को 20 किमी दूर जामताड़ा सदर हॉस्पिटल भेजा जा सके। ठीक 45 मिनट बाद 9 बजकर 25 मिनट पर एक मालगाड़ी आती है और उसमें स्ट्रेचर के सहारे लादकर जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की जाती है। लेकिन वह इंसान हॉस्पिटल पहुंचने से पहले अपनी जिंदगी की जंग हार चुका होता है। व्यवस्था की धीमी गति की वजह से जिले में उपलब्ध 15 एंबुलेस में एक भी नसीब नहीं हुआ।

भास्कर अपील : ऐसे हादसों के समय मोबाइल से फोटो खींचने या वीडियो बनाने के बजाए पीड़ित की मदद कर अच्छे नागरिक व मनुष्य होने का परिचय दें। हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। सोचिए इनकी जगह आपका अपना होता तो आप क्या करते?

व्यवस्था की धीमी गति की वजह से इस शख्स को जिले में उपलब्ध 15 एंबुलेस में एक भी नसीब नहीं हुआ। व्यवस्था की धीमी गति की वजह से इस शख्स को जिले में उपलब्ध 15 एंबुलेस में एक भी नसीब नहीं हुआ।
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पीड़ित का वीडियो बनाते हुए लोग।पीड़ित का वीडियो बनाते हुए लोग।
व्यवस्था की धीमी गति की वजह से इस शख्स को जिले में उपलब्ध 15 एंबुलेस में एक भी नसीब नहीं हुआ।व्यवस्था की धीमी गति की वजह से इस शख्स को जिले में उपलब्ध 15 एंबुलेस में एक भी नसीब नहीं हुआ।
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