बेटियां भी बनेंगी कुशल तैराक

Patna News - बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से चलाए जा रहे सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के तहत गुरुवार को गायघाट स्थित...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:40 AM IST
Patna News - daughters will also become skilled swimmers
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से चलाए जा रहे सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के तहत गुरुवार को गायघाट स्थित राष्ट्रीय अंतरदेशीय नौवहन संस्थान में महिलाओं के पहले बैच के मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन हुअा। उद्घाटन करते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि देश का यह पहला राज्य है जहां सुरक्षित तैराकी का प्रशिक्षण आम लोगों को दिया जा रहा है, ताकि डूबने की घटनाओं की रोकथाम एवं उसमें कमी ला जा सकेगी।

अगर राज्य की बेटियां तैराकी का प्रशिक्षण पाकर मास्टर ट्रेनर बन जाती हैं तो वे आस पास के गांवों के लोगों व बच्चों को प्रशिक्षित करेंगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ व सुखाड़ जैसी आपदा को लेकर राज्य सरकार चौकस है। प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय ने कहा कि पहले चरण में नदियाें की पांच किमी की सीमा में स्थित गांवों के छह से अठारह आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं को तैराकी सिखाने एवं जीवन रक्षा कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए नदियों के किनारे के गांवों में तैराकी जानने वाले युवक-युवतियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित करने का कार्य शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के दूसरे चरण में उन गांवों व मोहल्ले को भी शामिल किया जाएगा, जहां बड़े तालाब व अन्य जल निकाय होंगे। कार्यक्रम के नोडल परियोजना पदाधिकारी डाॅ. जीवन कुमार ने कहा कि महिलाओं के पहले बैच में पटना जिले के मनेर व फतुहा प्रखंड के गंावों की 31 तैराक महिलाओं काे मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण 21 जून तक दिया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्व

वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम का उद‌्देश्य आने वाले 10 वर्षों में डूबने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी लाना है। लगातार कुछ वर्षों तक सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के पूर्ण होने पर अधिकतर लोग जीवन रक्षा और प्राथमिक उपचार में प्रशिक्षित हो जाएंगे अौर समाज में योगदान दे सकेंगे। इससे लोगों में जागरुकता बढ़ेगी और लोग पानी से होने वाले खतरों के प्रति सचेत रहेंगे।

बनाया गया है मॉड‌्यूल

मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण मॉड‌्यूल बनाया गया है। इसमें तैराकी, डूबते को बचाने के लिए सहायता एवं बचाव के विभिन्न तरीकों के बारे में कौशल विकास, बाल सुरक्षा के मुद‌्दों, सर्पदंश, बंशीजाल बनाना एवं उपयोग के तरीके, प्राथमिक उपचार, सीपीआर आदि को समाहित किया गया है। धन्यवाद ज्ञापन नीनी के प्रशासनिक पदाधिकारी अरुण ने किया। इस अवसर पर नीनी के प्राचार्य कैप्टन सुमंत सहाय एवं वीरेंद्र पांडे समेत कई लोग माैजूद रहे।

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