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पेंशन सप्ताह कार्यक्रम / उप मुख्यमंत्री मोदी ने कहा- बहुमंजिली इमारत का नक्शा पास होने के समय ही वसूलें एक प्रतिशत सेस

Deputy Chief Minister Modi said- recover one percent cess at the time of passing the map of the multi-storey building
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Deputy Chief Minister Modi said- recover one percent cess at the time of passing the map of the multi-storey building

  • हर पंचायत में 200 श्रमिकों के निबंधन का दिया लक्ष्य
  •  श्रमिकों के खाते में जा रही राशि, अधिकारी अब नहीं कर सकते दाएं-बाएं

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 07:59 AM IST

पटना. उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि निजी मकान छोड़ कर बहुमंजिली इमारत, सरकारी भवन निर्माण का नक्शा पास होने के समय ही 1 प्रतिशत श्रम सेस राशि ले लें। सेस राशि वसूलने की समस्या नहीं रहेगी। इससे बिहार भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड फंड अधिक होगा, ताकि श्रमिकों और उनके परिवार को अधिक लाभ दिया जा सकता है। मंगलवार को वे पेंशन सप्ताह समारोह को संबोधित कर रहे थे। माेदी ने 2.64 लाख निबंधित श्रमिकों के खाते में चिकित्सा सहायता मद में 3000 रुपए सालाना की दर से 112 करोड़ की राशि बटन दबा कर भेजी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला श्रमिकों के मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ा कर 26 सप्ताह सवैतनिक कर दिया है। बिहार निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड में 16 लाख मजदूर निबंधित है।

बिहार में भी महिला निर्माण मजदूरों को भी सवैतनिक मातृत्व अवकाश 6 माह करने की जरूरत है। इसके लिए श्रम संसाधन विभाग को कदम उठाना चाहिए। मंगलवार को एसकेएम में आयोजित पेंशन सप्ताह के मुख्य कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि अटल पेंशन, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा और जीवन ज्योति बीमा योजना से अब तक 2.90 करोड़ लाभान्वित हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को पेंशन देने का सरकार ने निर्णय लिया है। अभी तक 16 लाख लोगों ने इसके लिए आवेदन दिया है।

2 वर्ष में 8 से बढ़कर 16 लाख हुए निबंधित मजदूर

श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों का निबंधन कराना है। दो वर्ष पहले लगभग 8 लाख निबंधित मजदूर थे, जो अब बढ़ कर 16 लाख हो गए हैं। इस संख्या को और बढ़ाना है। उन्होंने श्रम अधिकारियों को लक्ष्य दिया कि पहले प्रत्येक पंचायत कम से कम 200 नए मजदूरों का निबंधन कराएं। पहले यह लक्ष्य 100 मजदूरों का था। 2016-17 में 142 करोड़ खर्च हुए थे, जो 2018-19 में बढ़ कर 399 करोड़ हो गए। मंत्री ने कहा कि अब किसी भी योजना लाभ दिलाने में एलईओ और एलएस (श्रम अधीक्षक) को दाएं-बाएं करने का मौका नहीं है। श्रमिकों को उनके खाते में लाभ की राशि भेजने के एक सप्ताह बाद श्रम अधिकारियों को इसकी सूचना मुख्यालय से दी जाती है।

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