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मौत के बाद दोबारा जिंदा हो गया मरा हुआ बच्चा, 3 मिनट में हुआ ऐसा चमत्कार

बच्चे को डॉक्टर ने मृत घोषित कर शव को वापस ले जाने को कह दिया, वहीं वह दोबारा जिंदा हो गया।

bhaskar news | Last Modified - Apr 12, 2018, 07:33 AM IST

मौत के बाद दोबारा जिंदा हो गया मरा हुआ बच्चा, 3 मिनट में हुआ ऐसा चमत्कार

मधेपुरा (बिहार). ग्वालपाड़ा प्रखंड में बुधवार को एक अजीबो-गरीब वाक्या सामने आया। डेढ़ साल के जिस बच्चे को बिहारीगंज के एक डॉक्टर ने मृत घोषित कर शव को वापस ले जाने को कह दिया, वही बच्चा बुधवार की सुबह अपने घर पर तीन मिनट के लिए दोबारा जिंदा हो गया। बच्चे के जिंदा होते ही उसके परिवार में खुशियां दौड़ गई। मुंह में पानी डालते ही हो गया चमत्कार...

- हालांकि कुछ देर बाद बच्चे की दोबारा उसकी मौत हो गई। इस घटना को जैसे ही लोगों ने सुना, बच्चे काे देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ बच्चे के घर पर जमा हो गई।

- बच्चे के घर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था। हर जुबान ईश्वर से यही कामना कर रहा था कि किसी भी तरह से बच्चे फिर से जिंदा हो जाए।

- दूसरी ओर, परिजनों के अनुसार बिहारीगंज के जिस डॉ. विनोद कुमार ने बच्चे को मृत घोषित किया था, उससे जब भास्कर संवाददाता ने पूछताछ की तो उन्होंने अंजान बनते हुए कहा कि मरीज की गंभीर स्थिति देखते हुए उसे यहां से बेहतर इलाज के लिए दूसरे डॉक्टर के पास ले जाने के लिए बोला गया था। हमने बच्चे को मृत नहीं बताया था।


ग्वालपाड़ा प्रखंड के टेमा भेला पंचायत के वार्ड-1 की घटना
- मो. मोहिद कहते हैं कि उसके डेढ़ साल के बेटे दिलबर को पिछले कुछ दिनों से नामोनिया हो गया था। इस कारण हमेशा बुखार रहता था। बच्चे का इलाज वह ग्वालपाड़ा के डॉ. रतन कुमार से करा रहा था।

- बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण ग्वालपाड़ा के डॉ. रतन कुमार ने उसे बेहतर इलाज के लिए किसी दूसरे डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दी।

- डॉ. रतन की सलाह पर मो. मोहिद अपने बेटे को लेकर मंगलवार की शाम को बिहारीगंज स्थित डॉ. विनोद कुमार की क्लिनिक पर ले गए।

- मो. मोहिद की मानें तो डॉ. विनोद ने शरीर को छूकर ही बच्चे को मृत घोषित कर दिया और शव को अपने घर ले जाने को कह दिया।


मुंह में पानी छिड़कते ही दिलबर ने खोली आंखें
- मो. माेहिद ने बताया कि बेटे का शव लेकर हमलोग शाम को अपने घर आ गए। मौत की खबर सुनकर घर व आसपास के सभी लोग शोक में डूब गए।

- आसपास के लोगों ने सलाह दी सुबह में ही शव को दफनाया जाए। सुबह में सभी शव दफनाने की तैयारी में थे।

- इसी दौरान जब शव को देखा गया, तो उसमें किसी भी प्रकार की सिकुड़न नहीं थी, जैसा कि शव में होता है। इस पर हमलोगों को शक हुआ कि हो न हो बच्चा जिंदा है।

- तत्काल बूढ़े-बुजुर्गों के कहने पर कलाम पाक की आयतें पढ़ते हुए बच्चे के मुंह पर पानी छिड़का गया। इसके कुछ क्षण बाद बच्चे के शरीर में हलचल होने लगी।

- दिलबर ने आंख भी खोली और मुंह भी खोला। पलभर के घर में खुशियां दौड़ने लगी। सभी बच्चे को चूमने लगे। लेकिन हमारी खुशियां तीन मिनट में ही दोबारा गम में बदल गई।

- बच्चे का शरीर ठंडा होने लगा। काफी देर तक फिर से बच्चे के जीवित होने की उम्मीद लोग करने लगे। लेकिन बाद में शव को दफनाने की तैयारी शुरू कर दी गई।


भ्रामक बात: मृतक व्यक्ति कभी नहीं हो सकते जिंदा
मृतक व्यक्ति कभी जिंदा नहीं हो सकता है। मरकर जिंदा होने की बात भ्रामक है। डेथ होल्ड मरीज की कभी-कभी सांस रुक जाती या पल्स सुस्त पड़ जाता है। इस वजह से शरीर जल्दी ठंड़ा नहीं होता है। -डॉ. एचएन प्रसाद, जिला संचारी रोग पदाधिकारी, मधेपुरा

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Web Title: maut ke baad dobaaraa jindaa ho gaya mraa hua bachchaa, 3 mint mein hua aisaa chmtkar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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