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अंडा उत्पादन / बिहार में जरूरत 800 करोड़ अंडों की उत्पादन हो रहा मात्र 100 करोड़



egg production in bihar is less than need
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egg production in bihar is less than need

  • देश में प्रति व्यक्ति सालाना 66 अंडा की उपलब्धता की तुलना में बिहार में मात्र 12 अंडा मिलता है

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 03:55 PM IST

पटना.  बिहार में जरूरत से काफी कम अंडा का उत्पादन हो पा रहा है। पशु व मत्स्य संसाधन विभाग अंडा उत्पादन लक्ष्य में पिछड़ गया है। राज्य में सालाना 800 करोड़ अंडे की आवश्यकता है, लेकिन उत्पादन मात्र 100 करोड़ है। 

 

मध्याह्न भोजन और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सप्ताह में एक दिन अंडा देना है, लेकिन शिकायत मिलती है कि स्थानीय बाजार में अंडा की उपलब्धता नहीं रहने के कारण कई जगहों पर अंडा नहीं मिल पाता है। देश में प्रति व्यक्ति सालाना अंडा की खपत 66 है, जबकि बिहार में पिछले 2017-18 में 12 है। राष्ट्रीय औसत से 54 अंडे कम हैं।

 

लेयर फार्म खोलने पर भी आवश्यक अंडा उत्पादन में 15 साल से अधिक लग जाएंगे। बिहार में लग्भग 50 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं। पिछले दिनों आईसीडीएस की योजना 100 पंचायतों के लगभग एक हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रति माह बच्चों को कम से कम 7 अंडे देने का प्रावधान किया गया है।

 

अंडा उत्पाद के लिए अनुदान फिर भी रिजल्ट कम
राज्य में अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार लेयर फार्मिंग यूनिट लगाने के लिए सामान्य वर्ग के लाभुकों को 30 प्रतिशत और एससी-एसटी वर्ग के लाभुकों को 40 प्रतिशत अनुदान दे रही है।

 

सामान्य वर्ग के लिए 10 हजार और 5 हजार मुर्गी वाला लेयर फार्म खोलने के लिए अनुदान का प्रावधान है, जबकि एससी-एसटी के लिए 10 और 5 हजार के साथ ही एक हजार मुर्गी वाला लेयर फार्म पर अनुदान दिया जा सकता है।

 

पिछले साल 36 यनिट लेयर फार्म10 हजार मुर्गी वाला, जबकि 46 यूनिट लेयर फार्म 5 हजार मुर्गी वाला खोलना था। 10 हजार मुर्गी के एक लेयर फार्म का यूनिट खर्च 85 लाख है। 5 हजार मुर्गी वाले एक लेयर फार्म का यूनिट खर्च 48 लाख है।

 

राज्य में जरूरत के अंडे तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश आदि राज्यों से मंगाए जाते हैं। 82 लेयर यूनिट शुरू से लगभग 45 लाख अंडे सालाना बढ़ेंगे। एक मुर्गी सालाना लगभग 300 अंडे देती है।

 

कुपोषण दूर करने में मदद करेगा अंडा
राज्य में राज्य 0-5 वर्ष के आधे से अधिक बच्चे कुपोषित हैं। कुपोषण दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को सप्ताह में एक दिन अंडा देने का प्रावधान रखा गया है। अंडा से विटामिन और मिनरल की भरपाई होती है। अंडा में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। इसमें विटामिन बी12, कैल्शियम, ओमेगा 3 भी मिलता है।

 

अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। लेयर फार्मिंग के माध्यम से अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए लाभुकों को अनुदान भी दिया जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ वर्षों में राज्य में अंडा आवश्यकता की पूर्ति हो जाएगी। राष्ट्रीय औसत से राज्य में उपलब्धता कम है। गरीबों के लिए अगल से मुर्गी वितरण की भी योजना है।

पशुपति कुमार पारस, पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री

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