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बाढ़ के स्टेज वन से अगले साल के अंत तक बिजली

बाढ़ बिजलीघर के स्टेज वन से बिहार को अगले साल के अंत तक बिजली मिलेगी। बिजलीघर से उत्पादन के नए शिड्यूल को केंद्र से...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 04:15 AM IST
Patna - electricity by the end of next year from stage one of flood
बाढ़ बिजलीघर के स्टेज वन से बिहार को अगले साल के अंत तक बिजली मिलेगी। बिजलीघर से उत्पादन के नए शिड्यूल को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद सूबे को इससे बिजली की उम्मीद जगी है। अगले 12 माह बाद बिजलीघर से बिहार को बिजली मिलने लगेगी। लंबी जद्दोजहद और खींचतान के बाद स्टेज वन का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। हालांकि बिजलीघर की तीनों यूनिट से बिजली के लिए तीन वर्षों का इंतजार करना होगा। तीसरी यूनिट से बिहार को वर्ष 2021 में बिजली मिल सकेगी। पिछले दिनों केंद्रीय उर्जा मंत्री आरके सिंह ने बाढ़ बिजलीघर का दौरा किया और निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने इस पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने निर्माण का टारगेट कम कर दिया। पहले पहली यूनिट को अगस्त 2020 में बनना था। लेकिन केंद्रीय मंत्री की पहल पर इसे दिसंबर 2019 कर दिया गया। एनटीपीसी ने नए टारगेट को स्वीकार करते हुए निर्माण की गति को और तेज कर दिया है। बाढ़ बिजलीघर के स्टेज दो के बनने के साढ़े तीन साल बाद स्टेज एक से बिहार को बिजली मिलेगी। इसके पहले स्टेज-2 की दोनों यूनिट से उत्पादन हो रहा है और बिहार को बिजली भी मिल रही है। स्टेज-2 की पहली यूनिट नवंबर 2013 में ही तैयार हो गई थी जबकि इसकी दूसरी यूनिट मार्च 2015 में बनी।

अब ऐसे तैयार होंगी स्टेज-1 की यूनिटें

1 यूनिट- दिसंबर 2019

2 यूनिट- दिसंबर 2020

3 यूनिट- अगस्त 2021

बिहार की हिस्सेदारी

बाढ़ बिजलीघर में इस समय बिहार की हिस्सेदारी लगभग 76 फीसदी है। 1320 मेगावाट में औसतन 1000 मेगावाट बिजली बिहार को मिल रही है। बिहार को यहां से 1183 मेगावाट बिजली मिलेगी। स्टेज-1 में 26.42 फीसदी जबकि स्टेज-2 में 50 फीसदी। स्टेज-1 में 1980 मेगावाट में 523 मेगावाट और स्टेज-2 में 1320 में से 660 मेगावाट। हालांकि इसमें और बढ़ोतरी संभावित है।

क्यों हुआ विलंब| बिजलीघर के स्टेज-1 के निर्माण की जिम्मेवारी रूस की कंपनी टेक्नोप्रोमेक्सपोर्ट को सौंपा गया था जबकि फेज दो भेल के जिम्मे है। रूसी कंपनी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। कंपनी की स्थिति का सीधा असर बाढ़ बिजलीघर पर भी पड़ा। कंपनी दिवालिया हो गई। उसने अपनी स्थिति से उबरने के लिए भारत से छह हजार करोड़ रुपए मांगे। इस राशि के बाद उसने बिजलीघर निर्माण का वायदा भी किया। पर, कंपनी भरोसे के लायक नहीं थी। ऐसे में बिजलीघर निर्माण की जिम्मेवारी वर्ष 2015-16 में एनटीपीसी को सौंप दिया गया। इसके बाद बचे कार्यों के लिए फिर से कार्ययोजना बनी।

नीतीश की पहल पर मिली परियोजना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर वर्ष 1998-99 में बिहार को यह परियोजना मिली। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1999 में इसकी आधारशिला रखी। उस समय नीतीश कुमार बाढ़ से सांसद थे और अटल बिहारी वाजपेयी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री थे। उन्होंने बाढ़ में बिजलीघर निर्माण के लिए पीएम से अनुरोध किया था। वे काफी पहले से इस परियोजना के लिए प्रयास कर रहे थे।

रूसी कंपनी को सौंपा गया था काम

बाढ़ बिजलीघर के स्टेज एक का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 6 मार्च 1999 के रखा। निर्माण की जिम्मेवारी रूसी कंपनी को सौंपी गई थी। 2003 में निर्माण कार्य तेजी से शुरू तो हुआ लेकिन रूसी कंपनी खुद बदहाली में पहुंच गई और निर्माण लगभग ठप हो गया।

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