रीडरों की हड़ताल से बिजली मीटर रीडिंग बाधित
बिजली का स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हाेते ही एजेंसी के माध्यम से पाेस्टपेड मीटर की रीडिंग करने वाले रीडर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे उपभाेक्ताअाें के घराें में लगे मीटर की रीडिंग नहीं हाे रही है। इधर, मार्च में राजस्व वसूली के टास्क काे देखते हुए विद्युत कार्यपालक अभियंता खुद फिल्ड में मीटर रीडिंग के लिए उतर रहे हैं। इसके बावजूद रीडिंग समय पर नहीं हाे पा रही है। मुख्यालय के निर्देश पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डिविजन में कार्यरत अस्थायी कर्मियाें, इंजीनियरों के साथ मानवबल काे दाे पालियाें में मीटर रीडिंग के कार्य में लगाया गया है। ये सभी मीटर की रीडिंग कर कार्यालय काे सूचित कर रहे हैं। इसके बाद उपभाेक्ताअाें के माेबाइल पर मैसेज के माध्यम से बिल जा रहा है। कारण, मीटर रीडिंग करने वाली एजेंसी केे पास खुद की अाॅन स्पाॅट बिलिंग मशीन है। कुछ डिविजन में ब्लूटूथ प्रिंटर की खरीदारी की गई है, लेकिन यह अाॅन स्पाॅट बिलिंग करने में नाकाफी है।
मीटर रीडर संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि पिछले 10 साल से एजेंसी के माध्यम से हमलाेग मीटर रीडिंग कर रहे हैं। 10 साल मीटर रीडिंग करने के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद हमारा कार्य समाप्त हाे जाएगा। हमारा परिवार भूखे मरने काे विवश हाेगा। हमारी मांग सेवा का समायोजन दूसरे कार्य में करने, महंगार्इ काे देखते हुए 25 हजार मानदेय देने, हड़ताल के दाैरान किए जाने वाले एफअार्इअार काे वापस लेने की मांग है। कारण, बिहार के निवासी हाेने के नाते 10 साल की नाैकरी के बाद हमलाेगाें काे काैन नया काम देगा।
सुविधा केंद्र से लें बिल
मीटर रीडिंग करने के बाद उपभाेक्ताअाें काे सुविधा केंद्र से बिजली बिल लेने की अपील की जा रही है। कारण, पेसू के पास अाॅन स्पाॅट बिजली बिल करने का संसाधन उपलब्ध नहीं है। पेसू क्षेत्र में उपभाेक्ताअाें की संख्या करीब 5 लाख हैं। प्रत्येक डिविजन में करीब 20 की संख्या में मीटर रीडर थे। पेसू क्षेत्र में डिविजन की संख्या 13 है।